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नागरिकता पर हिंसा की आग में 12 लोगों की मौत, जामामस्जिद से चंद्रशेखर की गिरफ़्तारी 

 

नागरिकता कानून और प्रस्तावित एनआरसी के खिलाफ यूपी में बिजनौर से लेकर बुलंदशहर तक बवाल मचा हुआ है। कई शहरों में प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हुई।  इस हिंसा में 12 लोगों की अबतक मौत हो चुकी है जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हैं।  हिंसा के बाद प्रशासन ने सख्त ऐक्शन लेते हुए अब तक करीब 3000 लोगों को हिरासत में लिया है।  हिंसा के बाद भी इन इलाकों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।  एहतियातन सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने का आदेश प्रशासन की ओर से दिया गया है। जबकि  21 जिलों में शनिवार रात 12 बजे तक के लिए इंटरनेट बंद है। दूसरी तरफ योगी सरकार के आदेश के बाद अब उपदर्वियों पर दण्डात्मत कार्यवाही करते हुए उनके द्वारा तोड़फोड़ में सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई की जाने लगी है।

वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी हजारों लोगों ने शुक्रवार को रैलियां निकालीं।  भीम आर्मी के प्रमुख चन्द्रशेखर आजाद को आज सुबह जामा मस्जिद के बाहर से हिरासत में ले लिया गया है। वह संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ मस्जिद के अंदर प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमें बलिदान देना होगा ताकि कानून वापस लिया जाए। हम हिंसा का समर्थन नहीं करते। चंद्रशेखर के अनुसार हम शुक्रवार सुबह से मस्जिद के अंदर बैठे थे और हमारे लोग हिंसा में शामिल नहीं थे।  आपको बता दें कि आजाद  कल पुलिस को चकमा देकर जामा मस्जिद पहुंचे थे। दिल्ली में अब तक दर्जनों लोग हिंसा फ़ैलाने के आरोप में गिरफ्तार हो चुके है।

इसके अलावा देश के अन्य राज्यों में भी सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे है।  इस बीच सरकार ने इस तरह का संकेत दिया है कि वह इस संबंध में सुझावों पर विचार करने को तैयार है।  सर्वाधिक बवाल उत्तर प्रदेश में हुआ, जहां सीएए के विरोध के नाम पर भड़की हिंसा की चिंगारी से 20 जिले सुलग उठे है।  विभिन्न जिलों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 12 लोग मारे गये। जबकि कानपुर में आठ लोग घायल हो गये है।

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