[gtranslate]
Country

100 करोड़ वसूली मामला : महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख अरेस्ट 

मुंबई पुलिस के पूर्व पुलिस कमिश्नर और वर्तमान में होमगार्ड डीजी परमवीर सिंह के द्वारा 100 करोड़ वसूली के आरोप मामले में देर रात ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को गिरफ्तार कर लिया। 100 करोड़ वसूली के मामले में ईडी मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच कर रही है। इस मामले में मनी ट्रेल की जानकारी मिलने के बाद ईडी की एंट्री हुई थी। ईडी ने देशमुख के खिलाफ मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था। इस मामले में देशमुख के साथ ही उनकी पत्नी और बेटे ऋषिकेश देशमुख को भी दो बार तलब किया गया था।  सीबीआई इस मामले की पहले से ही जांच कर रही है। सीबीआई दो बार देशमुख के ठिकानों पर छापेमारी भी कर चुकी है। सीबीआई ने 2 दिन पहले ही पूर्व गृह मंत्री के मिडल मैन जगताप सिंह को गिरफ्तार किया था। यही नहीं बल्कि 2 सितंबर को सीबीआई ने देशमुख के वकील आनंद दागा और अपने ही सब इंस्पेक्टर अभिषेक तिवारी को भी गिरफ्तार किया था।
गौरतलब है कि ईडी ने एक पखवाड़े पहले पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और उनके परिवार की 4 करोड़ से अधिक संपत्ति को जब्त किया गया था। जिसमें नागपुर का फ्लैट और पनवेल की जमीन भी शामिल है। अनिल देशमुख ने ईडी की गिरफ्तारी से बचने के लिए एक पत्र भी लिखा था। लेकिन उनका यह पत्र काम नहीं आया। इस पत्र में अनिल देशमुख ने इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने का हवाला दिया था । साथ ही उन्होंने सीबीआई की ओर से ताकत और अधिकारों का गलत इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया था।
इससे पहले अनिल देशमुख ने एक याचिका बॉम्बे हाई कोर्ट में डाली थी। जिसमें उन्होंने ईडी के संबंध को रद्द करने की मांग की थी। लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट ने देशमुख के इस याचिका को खारिज कर दिया था। यहां यह बताना जरूरी है कि देशमुख को ईडी ने 5 बार पूछताछ के लिए समन जारी किया था। लेकिन हर बार ईडी के दफ्तर अनिल देशमुख न पहुंचकर उनके वकील इंद्रपाल सिंह ही पहुंचते थे। तब उनके वकील का कहना था कि देशमुख 75 साल के हैं और महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से वह ईडी के सामने पेश नहीं हो सकते । बताया जा रहा है कि ईडी इस मामले में अभी और लोगों को भी गिरफ्तार कर सकती है।
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर करीब ढाई माह पहले मुंबई के पुलिस कमिश्नर रहते परमवीर सिंह ने सनसनीखेज आरोप लगाए थे। जिसमें उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखा था।  पत्र में परमवीर सिंह ने आरोप लगाया था कि अनिल देशमुख ने हीं मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाझे को हर महीने 100 करोड रुपए की वसूली का टारगेट निर्धारित किया था। जिसके चलते अनिल देशमुख बुरी तरह घिर गए। इसके बाद अनिल देशमुख को गृह मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

You may also like

MERA DDDD DDD DD