चंद्रयान- 2 को लेकर नीदरलैंड के एस्ट्रोनॉमर सीस बासा ने नासा की जेट प्रॉपल्शन लैब के डेटा और इसरो के सार्वजनिक ताैर पर उपलब्ध डेटा की तुलना के आधार पर दवा किया कि लैंडर का संपर्क चंद्रमा की सतह से टकराने के बाद टूटा था, न कि सतह से 2.1 किमी ऊपर। हालांकि, इसराे का दवा था की चंद्रयान का सम्पर्क 2.1 किमी ऊपर ही टूट गया था।
सीस बासा नीदरलैंड की एस्ट्रॉन (नीदरलैंड इस्टीट्यूट ऑफ रेडियो एस्ट्रोनॉमी) संस्था के लिए दुनियाभर के स्पेसक्राफ्ट की ट्रैकिंग करते हैं। 7 सितंबर को भी वह ड्विंगलू टेलीस्कॉप ऑब्जर्वेटरी से चंद्रयान-2 की लैंडिंग पर नजर रखे हुए थे।
उन्होंने ट्वीट करके लिखा था कि, ‘इसकी तुलना से स्पष्ट है कि लैंडर चंद्रमा के सतह से टकराकर क्षतिग्रस्त हो चुका है। उससे दोबारा संपर्क के प्रयास सफल होने की संभावना बेहद कम है।” उन्हाेंने शनिवार को ही डॉप्लर कर्व की तस्वीरें जारी करते हुए अफसोस जताया था कि लैंडर की क्रैश लैंडिंग हुई है।चंद्रयान-2 को लेकर पिछले कुछ दिनों से आ रही खबरों के दौरान नीदरलैंड की यह खबर बहुत ही आश्चर्य चकित है। इससे पता लगता है कि भारत अगर कुछ भी करता है तो ना ही सारा विश्व हम पर ध्यान देता है बल्कि हमारी प्रसंसा भी करता है।

