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भाजपा में अंतर्कलह के स्वर तेज

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। सभी दलों ने अपनी ताकत चुनावी रैली में झोंक दी है। प्रधानमंत्री मोदी इन पांच राज्यों में लगातार चुनावी रैली कर रहे हैं। चुनाव से पहले कई पार्टियों में अंतर्कलह की स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस के अंदर आपसी अंतरर्कलह और टकराव से भाजपा खुलकर बोलती थी लेकिन अब भाजपा के अपने नेता ही खुलकर अपनी पार्टी के बारे में बोलना शुरू कर दिया | यानि की  भाजपा में भी अंतर्कलह के स्वर तेज होने लगे है। केंद्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री शंतुन ठाकुर ने अपनी सरकार के खिलाफ बोला ही नहीं बल्कि पार्टी की सभी वाट्सएप ग्रुप  को भी छोड़ दिया है।  संवाददाताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने  कहा  कि पश्चिम बंगाल राज्य के भाजपा नेतृत्व को नहीं लगता है कि संगठन के भीतर हमारी कोई महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने यह भी कहा कि क्या भाजपा की राज्य की इकाई में अब उनका कोई महत्व है।  शंतून ठाकुर अखिल भारतीय मतुआ महासंघ के संघ अधिपति है। ठाकुर ने कुछ दिन पहले मतुआ समुदाय के कुछ विधायकों को भाजपा की पुर्नगठित राज्य और जिला समितियों में शामिल नहीं किये जाने पर आपत्ति भी जताई थी। शंतुन ही नहीं भाजपा सरकार के कई बड़े नेता अपनी ही सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुले मंच से आलोचना करते दिखाई दे रहे हैं।

सबसे तीखे तेवर मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के  रहे है। वे लगातार केंद्र सरकार और भाजपा पर हमले करते रहे हैं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घमंडी तक कह दिया है। अभी कुछ दिन पहले हरियाणा के दादरी में किसानों के कार्यक्रम में कहा। मैं जब किसानों के मामले को लेकर प्रधानमंत्री से मिलने गया तो मेरी उनसे पांच मिनट में लड़ाई हो गई है। वे बहुत घमंड में बात कर रहे थे। जब मैंने उनसे कहा हमारे 500 किसान मर गये है। तो उन्होंने कहा मेरे लिए मरे है? मैंने कहा आपके लिए ही तो मरे थे। क्योंकि आप राजा जो बने हुए हो। इसी बात को लेकर मेरा उनसे झगड़ा हो गया। इसके अलावा भी सत्यपाल मलिक ने कई बार भाजपा पर निशाना साधा है।

भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी भी सार्वजनिक मंचों पर सरकार की खुलेआम आलोचना करके पार्टी के लिए मुसीबत पैदा करते रहते है। अभी हाल ही में उन्होंने अर्थव्यवस्था और विदेश नीति के मामले में मोदी सरकार फेल साबित हुई है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा हैं  ” यह स्पष्ठ हो गया हैं कि  मोदी सरकार  अर्थव्यवस्था और विदेश नीति के विकास देने के मामले में असफल साबित हुई हैं  लद्दाख मामले में हमारी रक्षा नीति अब तक की सबसे बड़ी विफलता के रूप में नजर आ रही है। मैं मोदी सरकार की विफलताओं को रिसेट करने में मदद करने के लिए तैयार हूं। लेकिन इसमें अहंकार ही एक सबसे बड़ी बाधा है।; इससे पहले उन्होंने  भारत-चीन सीमा विवाद, सरकारी विभाजन कंपनी एयर इंडिया को बेचे जाने के मुद्दे पर भी मोदी सरकार पर निशाना साधा था।

पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी का भी लगातार अपनी सरकार पर हमला जारी है। अभी हाल ही में उन्होंने बैंकों के निजीकरण को लेकर अपनी सरकार पर हमला बोला था उन्होंने कहा जब बैंक निजीकरण होगा तो जो 10 लाख लोग बेरोजगार होंगे उनको दोबारा रोजगार कौन देगा। उनके परिवार को कौन पालेगा। उन्होंने सरकार द्वारा नाईट कर्फ्यू पर भी सवाल खड़े किये थे। उन्होंने कहा कि रात में कर्फ्यू लगाना और दिन में रैलियों में लाखो लोग को बुलाना यह सामान्य जनमानस की समझ से परे है। वह कृषि कानूनों के मुद्दों पर भी वह आंदोलनकारी किसानों के समर्थन में रहे थे।

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