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नायडू-ममता मुलाकात के राजनितिक मायने 

ऐसे तो अभी राजनितिक गलियारों में पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव पर चर्चा हो रही है. इस चुनावी चर्चा से इतर कुछ नेता 2019 के महामुकाबला (आम चुनाव) की तैयारी में जुटे हैं. जिसमें सबसे ज्यादा सक्रिय आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू हैं. वे आज (सोमवार को) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कोलकाता में मुलाकात कर रहे हैं. उनके बैठक का एजेंडा विपक्षी एकता है.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी कुछ माह पूर्व तक केंद्र में एनडीए यानि मोदी सरकार की साझीदार थी. वहीं भाजपा आंध्र प्रदेश की टीडीपी सरकार में शामिल थी. मगर आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग पर दोनों के बीच ‘तलाक’ हो गया. आज टीडीपी 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को चुनावी पटखनी देने के लिए विपक्षी पार्टियों का महागठबंधन बनाने की तैयारी कर रही है.
विपक्षी एकजुटता के प्रयास में लगे नायडू की ममता के साथ होने वाली बैठक को राजनीतिक हलकों में अहम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विपक्षी एकजुटता के बारे में ममता के साथ नायडू की बात होगी. वह पिछले एक माह के अंदर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर फारूक अब्दुल्ला और शरद पवार समेत विपक्ष के अन्य कई बड़े नेताओं से मिल चुके हैं.
कुछ समय पूर्व तक ऐसा ही प्रयास ममता बनर्जी, बसपा सुप्रीमो मायावती कर रही थीं. उनका स्थान अब चंद्रबाबू नायडू ने ले लिया है. देखना होगा उनका प्रयास कितना सफल होगा. ऐसे विपक्षी एकता की संभावना का असल परीक्षा उत्तर प्रदेश में होना है. जहां सपा-बसपा अपने गठबंधन में कांग्रेस को साथ नहीं रखना चाहती.
जबकि चंद्रबाबू नायडू कांग्रेस को साथ लेकर ही विपक्षी एकजुटता का प्रयास कर रहे हैं. यही नहीं उन्होंने कुछ समय पूर्व यह भी बयान दिया था कि कांग्रेस की अगुवाई में ही 2019 में विपक्षी महागठबंधन बनेगा. इसी कड़ी में वह सोमवार को ममता से मिलने वाले हैं. सूत्र बताते हैं कि नायडू और ममता की मुलाकात कोलकाता राज्य सचिवालय में होगी.

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