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कौन है ‘लिसिप्रिया कंगुझम’, जिसकी वजह से पॉप स्टार रिहाना ने किसानों के पक्ष में ट्वीट किया ?

3 फरवरी 2021 को अंतरार्ष्ट्रीय पॉप गायिका रिहाना ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए  न्यूज़ चैनल सीएनएन की एक खबर को ट्वीट कर लिखा कि हमें इन किसानों के बारे में बात क्यों नहीं कर रहे हैं ?
उसी के साथ जलवायु परिवर्तन को लेकर काम कर रही एक्टिविस्ट ग्रेटा थमबर्ग ने भी इस खबर को ट्ववीट कर भारत के किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

विदेशियों को भारत के आतंरिक मामलों में नहीं पड़ना चाहिए?

 

इस समर्थन में और भी अन्य अंतरार्ष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोगों ने भी अपने-अपने ट्वीट किये लेकिन रिहाना के ट्वीट के बाद भारत में इस बात को लेकर बहस तेज हो गयी कि विदेशियों को भारत के आतंरिक मामलों में नहीं पड़ना चाहिए। हालाँकि रिहाना का समर्थन कर रहे लोगों ने इस विवाद को नजरअंदाज करने की बात कही और किसानों को समर्थन देते हुए रिहाना की प्रशंसा भी की। 
लेकिन रिहाना के इस ट्ववीट के पीछे एक भारतीय एक्टिविस्ट हैं जिनका नाम लिसिप्रिया कनगुझम हैं जिन्होंने रिहाना को टैग कर भारत में चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन देने की अपील की थी। उन्हीं के इस अपील की वजह से रिहाना और ग्रेटा थम्बर्ग ने भारत के किसानों की स्थिति को जाना और अपना समर्थन दिया।

रिहाना की कमाई की तो उनकी नेट वर्थ 60 करोड़ अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 44 अरब रुपये है। वे अब तक 9 ग्रैमी अवॉर्ड हासिल कर चुकी हैं। वह 13 अमेरिकन म्यूजिक अवॉर्ड, 12 बिलबोर्ड म्यूजिक अवॉर्ड और 6 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी जीत चुकी हैं। रिहाना राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुकी हैं।

 

मणिपुर की रहने वाली हैं नौ वर्षीय लिसीप्रिया कंगुजम

एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग की तरह ही भारत के मणिपुर की रहने वाली नौ  वर्षीय लिसीप्रिया कंगुजम ने भी स्वच्छ दुनिया की मांग को लेकर मुहीम शुरू की हुई है। उनका मानना है कि जलवायु परिवर्तन को लेकर अगर अभी बड़े कदम नहीं उठाये गए तो ये पीढ़ी भी स्वच्छ वातावरण से वंचित रह जाएगी।कनगुझम की उपस्थिति हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारे दायित्वों की याद दिलाती है।

युवा एक्टिविस्ट लिसीप्रिया का मानना है कि वैश्विक नेताओं को उनके द्वारा कही गई बातों पर कार्य करने की जरुरत है। जून महीने में लिसीप्रिया ने संसद भवन के बाहर खड़े होकर भी प्रदर्शन किया था। उनकी मांग थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत में जलवायु परिवर्तन कानून लागू करें। 

लिसिप्रिया  कनगुझम का जन्म 2 अक्टूबर 2011 को भारत के मणिपुर राज्य में हुआ। वह अभी नौ वर्ष की हैं लेकिन इतनी कम उम्र में ही उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों को प्राप्त कर देश को गौरवान्वित किया है। अभी तक लगभग 18 देशों में  भ्रमण कर लिसिप्रिया, जलवायु के प्रति लोगों को जागरूक करने का कार्य कर चुकी हैं।

संयुक्त राष्ट्र के कॉप-25 के सम्मेलन का भी हिस्सा रह चुकीं हैं लिसिप्रिया कनगुझम

वर्ष 2019 में वह संयुक्त राष्ट्र के कॉप-25 के सम्मेलन का भी हिस्सा रह चुकीं हैं।  इस जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के दौरान कनगुझम ने गुटेरस से मुलाकात की थी और दुनिया के बच्चों की ओर से ज्ञापन प्रस्तुत किया था।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने  उनके बारे में कहा कि कॉप-25 में भारत की आठ साल की जलवायु कार्यकर्ता लिसिप्रिया कनगुझम की उपस्थिति यादगार रही और इस बच्ची ने दुनिया को भावी पीढ़ियों के प्रति उसके दायित्वों को याद दिलाया।’

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