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vad 50 02-06-2018
 
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प्रदेश 
 
प्रशासन पर भारी खनन माफिया

  • अरुण कश्यप

राजनीतिक संरक्षण के चलते खनन माफिया खुद को प्रशासन से ऊपर समझ बैठा है। उसने नदियों ही नहीं] बल्कि किसानों के खेतों को भी बुरी तरह तबाह कर डाला है। हर दिन अवैध खनन से सरकार को लाखों का चूना लगाया जा रहा है

 

जिले में खनन माफिया खुलेआम मनमानी कर रहा है। हालत यह है कि अवैध खनन की शिकायतों पर जिलाधिकारी दीपक रावत की त्वरित कार्रवाई का भी उस पर असर नहीं पड़ा। डीएम ने राजस्व टीम को मौके पर भेजा जिसमें अगल-अलग जगहों पर करीब ९]००० ?kuehVj अवैध खनन होना भी पाया गया। इस पर अनुमानित ५३ लाख का जुर्माना लगना भी लगभग तय माना जा रहा है] पर डीएम दीपक रावत की इस कड़ी कार्रवाई के बाद भी खनन माफियाओं के हौसले राजनीतिक संरक्षण के चलते इतने बुलंद हैं कि उन्होंने राजस्व टीम के जाते ही उसी भूमि पर फिर से खनन शुरू कर दिया। यानी जिस जगह सुबह के समय तहसीलदार ने २]८५० ?kuehVj का अवैध खनन होना पाया उनके जाते ही उसी जगह दोबारा खनन शुरू कर दिया गया। ऐसा लगता है कि माफियाओं को प्रशासन या कानून का कोई डर नहीं जिसकी सबसे बड़ी वजह इनको राजनीतिक संरक्षण है।

समतलीकरण की अनुमतियां बनवाकर इन दिनों धड़ल्ले से बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है] जबकि जिस भूमि के नाम पर यह अनुमतियां जारी होती हैं वहां समतलीकरण की कोई जरूरत ही नहीं होती। यानी बिना जरूरत के अधिकारियों से सांठ-गांठ कर राजनीतिक दबाव के चलते कागजों की खानापूर्ति की जाती है। यह सभी की समझ से परे है कि आखिर ये अनुमति किस आधार पर जारी की जाती हैं। अनुमति के बाद फिर शुरू होता है अवैध खनन का वो सिलसिला जिसके आगे सरकार के सारे नियम और कायदे बौने पड़ जाते हैं। पथरी थाना क्षेत्र के आबिदपुर] भगतनपुर] खिजरपुर] इक्कड़ आदि गांवों की उपजाऊ जमीनें पिछले कुछ समय से इन खनन माफियाओं का शिकार हो रही हैं। थोड़े से रुपये के लालच में गांव के किसान अपने खेतों की जमीनों को खुदवाकर बर्बाद करवाने के लिए तैयार हो जाते हैं। झूठी रिपोर्ट लगाकर यहां समतलीकरण की अनुमति ले ली जाती है और जमकर अवैध खनन किया जाता है। कई बार तो ऐसा होता है कि अनुमति किसी और जगह की और खनन किसी और जगह किया जाता है। हाल ही में आजाद पुत्र शौकत के नाम से खिजरपुर में जारी १५०० मीटर की अनुमति की आड़ में आस- पास जमकर अवैध खनन किया गया। एक जेसीबी की अनुमति पर तीन-तीन जेसीबी मशीनें चलाकर खनन किया गया।

जब कुछ ग्रामीणों ने जिलाधिकारी दीपक रावत को इसकी शिकायत की तो उन्होंने राजस्व की एक संयुक्त टीम को तहसीलदार सुनैना राणा के नेतृत्व में भेजा] पर टीम के आने की सूचना पाकर खनन माफिया मौके से जेसीबी और डंफर] टै्रक्टर ट्राली लेकर भाग खड़े हुए। पैमाइश के बाद पाया गया कि मनसब पुत्र जहूर निवासी एक्कड़ की भूमि पर २८५० द्घन मीटर अवैध खनन किया गया है जिस पर सरकारी नियमों के अनुसार १७]६७]५०० रुपए का जुर्माना होना लगभग तय है। इसी तरह इदरीश पुत्र अकबर निवासी एक्कड़ की भूमि से बिना किसी अनुमति के ४००० ?kuehVj रेत] बालू का अवैध खनन किया गया। जिस पर नियमानुसार करीब २४ लाख का जुर्माना भी हुआ। मुसरफ रहमान पुत्र मुस्तकीम निवासी एक्कड़ खुर्द अपने खेत से १७०० ?kuehVj अवैध खनन किया। जिस पर करीब ११]२५]००० का जुर्माना होना भी लगभग तय माना जा रहा है] पर राजस्व चोरी के इन बड़े मामलों में क्या जिला प्रशासन जुर्माना वसूल पाने में कामयाब हो पाएगा या नहीं] इसमें अभी संशय है क्योंकि इस तरह के सैकड़ों जुर्माने अब तक इस क्षेत्र में जिला प्रशासन द्वारा किए गए हैं। अफसोस की बात है कि अब तक वसूली किसी से भी नहीं हुई। जानकारों के मुताबिक जिले में अवैध खनन के चलते हर दिन करीब ५ लाख के राजस्व की चोरी हो रही है।

अवैध खनन माफिया बड़े-बड़े अपार्टमेंट] होटल] मॉल और रिहायशी कॉलोनियों के निर्माण में खेतों से निकाली गई खनन सामग्री का इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए मुंहमांगी कीमत लेते हैं। इन दिनों हाईवे के चौड़ीकरण के चलते दर्जनों भूमाफिया सक्रिय हैं। स्थानीय किसान सुरजीत सिंह अपना दर्द बयां करते हैं कि ये खनन माफिया हम किसानों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन गए हैं। जिन रास्तों को हम बड़ी मुश्किल से बनाते हैं उन्हें ये तोड़ डालते हैं। हमारे खेतों में खनन से भरे वाहन द्घुसाकर फसलों को बर्बाद कर देते हैं। यही नहीं जिन नालियों से हम सिंचाई करते हैं ये उन्हें भी तोड़ देते हैं। मना करने पर उल्टा हम पर रौब जमाते हैं। इसकी शिकायत हम कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को कर चुके हैं] पर इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। जिन- जिन खेतों से इन लोगों ने खनन किया है वे हमेशा के लिए बर्बाद हो गए हैं।

 

माफिया पर मेहरबान मंत्री का पीआरओ

प्रदेश के एक कद्दावर कैबिनेट मंत्री का पीआरओ इन दिनों चर्चाओं में है। कहा जा रहा है कि यह पीआरओ खनन माफियाओं के लिए लाइफ लाइन बना हुआ है। वह इनके लिए भूमि समतलीकरण की अनुमतियां जारी करवाने का पूरा ठेका ले लेता है ताकि इसकी आड़ में अवैध खनन हो सके। वह  करीब ५ लाख रुपए प्रति अनुमति के लेता है। रकम लेने के बाद वह पटवारियों से लेकर कलेक्ट्रेट के बाबू और अधिकारियों तक को तब तक फोन करता रहता है जब तक यह अनुमति जारी नहीं हो जाती। यही नहीं इसके बाद अवैध खनन करने पर कोई कार्रवाई न हो] इसके लिए भी पीआरओ साहब मोटी रकम इन खनन माफियाओं से वसूलते हैं। दबी जुबान में राजस्व प्रशासन और जिला मुख्यालय के कई अधिकारी और बाबू यह बात स्वीकार करते हैं] लेकिन साथ ही यह भी कह देते हैं कि हमें नौकरी करनी है तो उनके अनुसार काम करना ही पड़ेगा।

 

 

मित्र पुलिस की शत्रुता

  • जसपाल नेगी

मित्र पुलिस का आतंक इस कदर है कि कोतवाल खुलेआम सड़क पर लोगों को पीट रहे हैं। पौड़ी में इंस्पेक्टर ने पहले तो एक लड़के को डंडा मारकर बाइक से गिराया और फिर उसे जमकर पीटा। इस ?kVuk के विरोध के बावजूद कोतवाल अपनी आदतों से बाज नहीं आए और एक छात्र नेता की पिटाई कर दी जिससे पूरा शहर पुलिस के खिलाफ आक्रोशित है

 

वाहन चेकिंग के दौरान पौड़ी कोतवाल ने एक छात्र नेता को थप्पड़ मारा। उसके बाद से शहर में तनाव उत्पन्न हो गया है। आक्रोशित छात्र नेताओं ने बस स्टेशन पर प्रदर्शन कर जाम लगा दिया। छात्र नेता कोतवाल के निलंबन की मांग को लेकर बस स्टेशन पर ही धरने पर बैठ गए। इसके पहले एक अन्य मामले में कोतवाल ने एक नाबालिग पर मारा था जिस कारण पौड़ी वासी पुलिस से खासे आक्रोशित हैं। राज्य की मित्र पुलिस आम लोगों के साथ इस तरह दादागिरी करती है कि उसे किसी की जान की परवाह तक नहीं रहती। कायदे-कानून की आड़ में वर्दी का पुलिस इस प्रकार रौब झाड़ती है कि लोग उससे खौफ खाते हैं। अभी हाल में गढ़वाल मंडल मुख्यालय पौड़ी में श्रीनगर रोड पर पौड़ी थाना इंचार्ज प्रमोद उनियाल ने एक लड़के को चलती बाइक पर डंडा मार दिया] जिसके बाद बच्चा बाइक का संतुलन खो बैठा और जख्मी होकर नीचे गिर गया। थाना इंचार्ज उनियाल यहीं नहीं थमें और उन्होंने जमीन पर गिरे बच्चे पर ताबड़तोड़ बरसा दी] जिससे बच्चा बुरी तरह ?kk;y हो गया।  

थाना इंचार्ज की इस बेरहमी के चलते कई युवा पौड़ी बस अड्डे पर एकत्रित हो गए और ?kVuk का विरोध करने लगे। आरोप है कि पौड़ी थाना इंचार्ज उनियाल ने ?kVuk का विरोध करने वाले युवकों से भी मार पीट कर डाली। ?kk;y बच्चे को ?kVukस्थल से ऐसी जगह भिजवा दिया] जिसका किसी को पता नहीं। मौके पर मौजूद युवकों ने मामला शान्त करने आये सीओ सदर धन सिंह तोमर को लिखित शिकायत दर्ज कर आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्यवाही की मांग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस लगातार वाहन के कागजात और हेलमेट पहनने को लेकर उनका उत्पीड़न कर रही है। खुद ट्रिपल राइड कर और हेलमेट न पहन कर ट्रैफिक नियमों का उल्लंद्घन भी कर रही है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि ट्रैफिक नियमों की आड़ और पार्किंग को लेकर पुलिस के कुछ जवान अवैध वसूली कर रहे हैं। 

पौड़ी सीओ धन सिंह तोमर ने बताया कि वाहन चेकिंग के दौरान यह ?kVuk हुई है। छात्र नेताओं से बात की जा रही है। मामले की जांच की जाएगी। वहीं छात्र नेताओं ने आरोप लगाया है कि पुलिस हर दिन वाहन चेकिंग के नाम पर शहरवासियों को परेशान करती है। उसका विरोध करने पर पुलिस आम लोगों के साथ मारपीट शुरू कर देती है।

एसएसपी पौड़ी जगतराम जोशी ने बातचीत में प्रथम दृष्टया थाना इंचार्ज उनियाल की गलती मानते हुए विभागीय जांच के उपरांत विभागीय और कानूनी कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

 

 
         
 
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,क्या उत्तराखंड में ऐसी कोई सरकार आयेगी जो जंगलों को जलने से रोक सके

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  • अपूर्व जोशी

मेरा स्पष्ट मानना है कि सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधि को नहीं किया जाना चाहिए फिर चाहे वह जुमे की नमाज हो या फिर नवरात्रों में

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