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vad 26 16-12-2017
 
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खबर का असर
 
साहू के खिलाफ आवाज बुलंद

  • दिकदर्शन रावत

गिरधारी लाल साहू के खिलाफ अब लोग अपनी आवाज बुलंद करने लगे हैं। ^दि संडे पोस्ट^ के पिछले अंकों में सिलसिलेवार प्रकाशित गिरधारी के जमीन फर्जीवाड़े के बाद कई पीड़ित कोतवाली किच्छा अपनी शिकायत दर्ज कराने पहुंचे लेकिन उन्हें कोतवाल योगेश उपाध्याय ने बैरंग लौटा दिया। इन भुक्तभोगियों ने अब एसएसपी] रुद्रपुर के यहां अपनी शिकायत दर्ज कराई है

 

भूमाफिया गिरधारी लाल साहू के फर्जीवाड़े का ^दि संडे पोस्ट^ ने पर्दाफाश किया तो साहू के हाथों ठगे गए लोगों ने सामने आने का साहस दिखाना शुरू कर दिया है। उल्लेखनीय है कि बरेली के थाना बारादरी के हिस्ट्रीशीटर अपराधी गिरधारी लाल साहू का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। अस्सी के दशक में हत्या] जालसाजी धोखाधड़ी जैसे t?kU; अपराधों से शुरू हुई गिरधारी लाल साहू की आपराधिक गतिविधियों का इस समय केंद्र बिंदु उत्तर प्रदेश से हटकर उत्तराखण्ड बन चुका है। उत्तराखण्ड में साहू को स्पष्ट तौर पर राजनीतिक संरक्षण का मिलना उसके नापाक इरादों को और परवान चढ़ा रहा है। गिरधारी लाल साहू की पत्नी रेखा आर्य को राज्य के दोनों मुख्य राजनीतिक दलों भाजपा एवं कांग्रेस द्वारा वोट&नोट बैंक की राजनीति के चलते हाथों&हाथ लिया जाता रहा है। साहू ने इन दोनों दलों की इसी कमजोरी का लाभ उठा अपनी आपराधिक गतिविधियों को खुलेआम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

 

वर्ष २०१२ के विधानसभा चुनाव के समय  भाजपा का दामन छोड़ कांग्रेसी बनीं रेखा आर्य सोमेश्वर विधानसभा सीट से चुनाव जीतीं। राजनीतिक अस्थिरता के दौर में साहू ने अपनी विधायक पत्नी के वजूद का खासा लाभ उठाया। चूंकि कांग्रेस निर्दलीय विधायकों के समर्थन की बैसाखी के चलते सरकार बना पाई इसलिए विजय बहुगुणा और उनके बाद सीएम बने हरीश रावत को भारी दबाव में काम करना पड़ रहा था। एक तरफ सरकार को सहयोग दे रहे निर्दलीय विधायक अपनी मनमानी कर रहे थे तो दूसरी तरफ कांग्रेस के विधायकों ने भी जमकर चांदी काटने का काम किया। गिरधारी लाल साहू और उनकी पत्नी रेखा आर्य ने राज्य की इस राजनीतिक अस्थिरता का खासा लाभ उठाया। साहू की आपराधिक गतिविधियों को राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार नजरअंदाज करने का काम किया। साहू ने इस दौरान अवैध खनन और जमीनों की खरीद&फरोख्त के काले धंधे में अपनी पैठ बनाई। साहू के खिलाफ इस दौरान जिस किसी ने भी पुलिस में शिकायत करने की कोशिश की तो उसकी शिकायत पर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई। साहू की पत्नी रेखा आर्य द्वारा कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा के पक्ष में मतदान करने के बाद रावत सरकार साहू के खिलाफ सक्रिय हुई। इसके बाद एक के बाद एक एफआईआर गिरधारी लाल साहू को नामजद करते हुए दर्ज होने लगी। इस दौरान गिरधारी लाल साहू पर कुछ समय के लिए कानूनी शिकंजा कसता नजर आया। इस वर्ष मार्च में भाजपा के सत्ता में आने के बाद गिरधारी लाल साहू की पत्नी को राज्य मंत्रिमंडल में जगह मिल गई। इसके साथ ही गिरधारी की तूती एक बार फिर से सत्ता के गलियारों में गूंजने लगी है।

 

^दि संडे पोस्ट^ की खोजी खबरों के बाद अब लेकिन गिरधारी लाल साहू द्वारा ठगे गए उत्तराखण्ड के निवासियों को कुछ राहत अवश्य पहुंची है। ऐसे में पीड़ितों ने साहस कर सामने आने की शुरुआत कर दी है। पिछले अंक में गांव चुकटी देवरिया] जनपद रुद्रपुर में गिरधारी लाल साहू द्वारा बड़े पैमाने पर जमीन के फर्जीवाड़े की खबर प्रकाशित होने के बाद कई पीड़ितों ने किच्छा थाने में गिरधारी लाल साहू के खिलाफ एफआईआर लिखाने की अर्जी दी। गिरधारी लाल साहू के दबाव के चलते कोतवाली किच्छा के कोतवाल योगेश उपाध्याय ने इन लोगों की रिपोर्ट दर्ज करने से साफ इंकार कर दिया। कोतवाल की इस गैर जिम्मेदाराना हरकत से आक्रोशित पीड़ितों ने जनपद रुद्रपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में अब अपनी शिकायत दर्ज कराई है।

 

^दि संडे पोस्ट^ के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार लक्ष्मी देवी पत्नी मोहनलाल] निवासी वार्ड नंबर १३] रेलवे कॉलोनी] किच्छा को गिरधारी लाल साहू ने अपने सहायक महेंद्र बिष्ट की जमीन २३&१२&२०११ को बेची। छह बरस बीतने के बाद भी इस भूखंड पर आज तक लक्ष्मी देवी को कब्जा नहीं मिल पाया है। २२&०९&२०१७ को एसएसपी रुद्रपुर को दर्ज कराई शिकायत में लक्ष्मी देवी ने आरोप लगाया है कि गिरधारी लाल साहू अपनी मंत्री पत्नी रेखा आर्य के रसूख का बेजा इस्तेमाल करते हैं। ऐसी ही शिकायत सुनीता देवी पत्नी भूपराम गंगवार ने भी एसएसपी कार्यालय में दर्ज कराई है। इस शिकायती पत्र के अनुसार भी ग्राम चुकटी में १०&१०&२०११ को एक भूखंड की रजिस्ट्री गिरधारी लाल साहू ने शिकायतकर्ता के नाम कराई लेकिन भूखंड पर आज तक उन्हें कब्जा नहीं मिल पाया है। एक अन्य शिकायतकर्ता पूनम देवी पत्नी तेजपाल गंगवार निवासी ग्राम बंडिया] किच्छा ने भी अपनी शिकायत में गिरधारी लाल साहू पर ९&१२&२०११ में एक भूखंड बेचे जाने के बावजूद उन्हें कब्जा नहीं देने की बात कही है। इन तीनों ही शिकायतकर्ताओं ने पहले कोतवाली किच्छा में एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास किया लेकिन कोतवाल योगेश उपाध्याय ने उन्हें वहां से भगा दिया। इसके बाद तीनों ही शिकायतकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज कराई है।

 

^दि संडे पोस्ट^ के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार थाना किच्छा के कोतवाल योगेश उपाध्याय गिरधारी लाल साहू के खिलाफ किसी भी प्रकार की शिकायत को दर्ज नहीं होने देते हैं। स्पष्ट है कि कोतवाल या तो गिरधारी लाल साहू के राजनीतिक रसूख के चलते प्रभावित हैं अन्यथा उन्हें किसी अन्यत्र तरीके से साहू ने अपने प्रभाव में ले रखा है।

 

बात अपनी&अपनी

 

कुछ लोग आए थे प्रार्थना पत्र लेकर। प्लॉटों की दाखिल खारिज हुई है। इसलिए मैंने प्रार्थना पत्र नहीं लिया। जो कब्जा नहीं लेने दे रहा है] उसके खिलाफ मामला बनता है।

योगेश उपाध्याय] कोतवाल किच्छा

 

कुछ लोगों ने प्रार्थना पत्र दिए हैं] जांच करने के बाद ही बता सकते हैं।

डॉ- सदानंद दाते] एसएसपी m/keflag uxj

 
         
 
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  • जसपाल नेगी

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