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जनपदों से 
 
जेल से ही चलता है गैंग

  • अली खान

रुड़की ¼हरिद्वार½। शहर के अपराध जगत में एक ऐसा गैंग पैदा हो गया है जिसकी गुंडागर्दी जेल से ही चल रही है। यह गैंग कुख्यात बदमाश सुनील राठी के गुर्गे रहे प्रवीण वाल्मीकि ने बनाया है। अभी वह जेल में बंद है लेकिन उसके गुर्गे चौथ वसूली के लिए व्यापारियों को धमका रहे हैं। चमोली की पुरसाड़ी जेल में बंद प्रवीण वाल्मीकि रुड़की की नई बस्ती का रहने वाला है। सुनील राठी शागिर्दी में अपराध की दुनिया में पैर जमाते&जमाते उसवने अपना अलग गैंग बना लिया है। रुड़की शहर का स्थानीय होने के कारण उसका यहां की अपराध की दुनिया में काफी दखल रहता है। लगभग एक वर्ष पूर्व नगर निगम के सफाई नायक बसंत हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था। व्यापारियों को चौथ के लिए धमकाना और उनमें दहशत पैदा करने के लिए वह अपने गुर्गों से फायरिंग भी कराता है।

 

उत्तराखण्ड और विशेषकर रुड़की में प्रवीण अलग तरीके से गैंग का संचालन कर रहा है। लेकिन पश्चिमी यूपी में वह अब भी कुख्यात बदमाश सुनील राठी के साथ मिलकर चल रहा है। राठी के अलावा एक और कुख्यात बदमाश सुशील गुर्जर के साथ भी उसके दोस्ताना रिश्ते हैं। बदमाशों की गतिविधियों पर लंबे समय से टेढ़ी नजर रखने वाले पुलिस अधिकारी बताते हैं कि वाल्मीकि अपना अलग गैंग ऑपरेट करने के साथ ही राठी और सुशील गुर्जर के भी संपर्क में रहता है। राठी गैंग पर पुलिस ने शिकंजा कसा तो उसे भी अपने पुराने शार्गिद प्रवीण वाल्मीकि के साथ सुशील गुर्जर की याद आई। पश्चिमी यूपी के साथ ही पूर्वी यूपी में भी वह दखल बढ़ाने का भरसक प्रयास कर रहा है। कुछ समय पहले तक देहरादून जेल में निरुद्ध रहे रूपेश त्यागी के साथ भी उसका संपर्क बढ़ा है। त्यागी फिलहाल अल्मोड़ा जेल में बंद हैं।

 

इस ग्रुप के कुख्यातों पर अंकुश लगाने में एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। हाल में गिरफ्तार चारों शूटर प्रवीण वाल्मीकि] सुशील गुर्जर और रूपेश त्यागी के संपर्क में थे। इनकी गिरफ्तारी के बाद कुख्यातों का दबदबा काफी हद तक कम हुआ है। कोटद्वार अधिवक्ता हत्याकांड के विषय में पूछताछ के लिए पौड़ी एसओजी टीम रूड़की आई थी। दरअसल] पौड़ी जिले के कोटद्वार में ३ सितंबर को अधिवक्ता सुशील j?kqoa'kh की हत्या हुई थी। लेकिन अभी तक हत्याकांड का खुलासा नहीं हो पाया है। पौड़ी पुलिस जेल में बंद गैंग से हत्या कराने जैसे एंगल से भी जांच कर रही है।

 

पकड़े गए चारों शूटरों ¼दीपक मान] दीपक शर्मा उर्फ मोनू पंडित] विवेक यादव और अंकुर चौधरी½ को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। अदालत ने चारों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। ये शूटर रुड़की में एक व्यापारी की हत्या करने के इरादे से आए थे। चमोली की पुरसाड़ी जेल में बंद प्रवीण वाल्मीकि चौथ के लिए व्यापारियों को धमकियां देता रहता है। व्यापारी से वाल्मीकि ने मोटी रकम चौथ में मांगी थी। व्यापारी के मना करने पर वाल्मीकि ने उसकी हत्या कराने के लिए पकड़े गए चारों शूटरों को रुड़की भेजा था। एसटीएफ को शूटरों के आने की जानकारी मिलते ही वह सतर्क हो गई और जाल बिछाकर चारों को धर दबोचा। उनके कब्जे से ९ एमएम] ३२ एमएम की पिस्टल के साथ ही ३१५ बोर का तमंचा भी मिला था। गंगनहर कोतवाली के कार्यवाहक कोतवाल चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि अदालत ने चारों शूटरों को जेल भेज दिया है। पुलिस की तत्परता से एक निर्दोष व्यापारी की हत्या होने से बच गई है।


पहाड़ों में अपराधों पर चिंता


  • जसपाल नेगी


पौड़ी गढ़वाल। पहाड़ों में संगीन अपराधों के चलते अब यह बात उठने लगी है कि स्थानीय निवासी बाहर से यहां आने वाले लोगों को किराए पर मकान न दें। ऐसा इसलिए कि ये लोग पहाड़ के शांत माहौल को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। इससे आम जनता अपनी सुरक्षा को लेकर भयभीत है। हाल में पौड़ी जिले के अंतर्गत एक चार वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद स्थानीय निवासी इस दिशा में सोचने को मजबूर हैं कि आखिर पहाड़ों का शांत वातावरण कैसे महफूज रखा जाए।

 

मासूम के साथ हुए अत्याचार के विरोध में पौड़ी में आम जनता का गुस्सा सड़कों पर भी उतर आया। विरोध स्वरूप समूचे शहर की दुकानें बंद रही। छात्र संगठनों] विश्व हिंदू परिषद और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकालकर अपने गुस्से का इजहार किया। व्यापारियों की ओर से सुबह ही अपने प्रतिष्ठान कर दिये गए थे। जुलूस माल रोड से होते हुए एजेंसी चौक पहुंचा। वहां से यह जुलूस अपर बाजार धारा रोड होते हुए श्रीनगर रोड व वापस कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा। यहां पर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए आमसभा का आयोजन किया। सभा में वक्ताओं ने बाहरी व्यक्तियों को मकान किराए पर न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि मजदूरी करने के नाम पर बाहर से आए व्यक्ति यहां का माहौल बिगाड़ रहे हैं] जिस कारण आम जनमानस के भीतर अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन इन व्यक्तियों का सत्यापन करे।

 

प्रदर्शनकारियों को समझाते हुए थानाध्यक्ष प्रमोद उनियाल ने कहा कि अपनी सुरक्षा को लेकर आम आदमी को भी जागरुक होना पड़ेगा। पुलिस हर स्थान पर हर वक्त मौजूद नहीं रह सकती। इस मामले में पुलिस की ओर से जो भी संभव हो सका वह कार्रवाई की गई। प्रदर्शनकारियों में विश्व हिंदू परिषद के महेंद्र असवाल] मातंग मलासी] अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मयूर भट्ट] आर्यन छात्र ग्रुप] व्यापार la?k के कोषाध्यक्ष कुलदीप गुसाई] पूर्व सभासद कुसुम चमोली आदि शामिल थे।


स्वास्थ्य सुविधाओं का टोटा


  • राजेंद्र टम्टा


पिथौरागढ़। विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखण्ड की जनता से डबल इंजन की सरकार देने की गुजारिश की थी। वादा किया था कि डबल इंजन सरकार तेजी से जनता की समस्याओं पर ध्यान देगी। लेकिन छह माह बाद आज भी हालात जस के तस हैं। जिस पार्टी ने वादा किया था कि पहाड़ के हर अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी आज उसी की डबल इंजन सरकार में गरीब मरीजों को एक अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भी तरसना पड़ रहा है। पिथौरागढ़ जिले में किसी भी सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासांड की सुविधा नहीं मिल रही है। जिस जिले की आम जनता ने प्रदेश को वित्त मंत्री सहित कई अन्य महत्वपूर्ण शख्सियतें दी हैं उस पिथौरागढ़ के जिला अस्पताल में पिछले लगभग ४ सप्ताह से अल्ट्रासाउंड करने वाला एक मात्र डॉक्टर भी उपलब्ध नहीं है।

 

 जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के डॉक्टर नर सिंह गुंजियाल लगभग ४ सप्ताह पूर्व बीमार हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए बाहर ले जाया गया है। उनके अस्वस्थ होने के बाद गंगोलीहाट] धारचूला] एवं मुनस्यारी के मरीज जो पहले ही अपने&अपने क्षेत्रों में जंग खा रही अल्ट्रासाउंड मशीनों के चलते जिला अस्पताल जाते थे] बेदह परेशान हैं। गरीब लोग एवं गर्भवती महिलाएं महंगे प्राइवेट अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड करने को मजबूर हैं। बेरीनाग] डीडीहाट सहित जिले के तमाम अन्य अस्पतालों के मरीज अल्ट्रासाउंड करने को प्राइवेट अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं। इनमें सबसे अधिक लेबर क्लास मरीजों को दर&दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। 

 

जिले का दूसरे नंबर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगोलीहाट मरीजों को रेबीज इंजेक्शन नहीं दे पा रहा है। जब प्रभारी डॉ सिद्धार्थ पाटनी से एक्स&रे टेक्नीशियन के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा १ वर्ष से अधिक समय से अस्पताल में एक्स&रे टेक्नीशियन नहीं है। एन्टीबायोटिक] पैरासीटामोल एवं एसीलॉक जैसी आम दवाएं भी गंगोलीहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मांग के अनुसार नहीं मिल पा रही हैं। इसके अलावा अस्पताल को मांग के अनुसार सीरेंज भी नहीं मिल पा रही हैं। इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दावाओं का डॉक्टर भी नहीं है। कुल मिलाकर गरीब मरीज बाजार से दावायें खरीदने को मजबूर हैं।

 

जब इस संबंध में सीएमओ डॉक्टर ऊषा गुंजियाल से वार्ता की तो उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड डॉक्टर के लिए कई बार डीजी हेल्थ को पत्र लिख चुकी हूं। रेबीज के इंजेक्शन को लेकर भी उन्होंने अपनी लाचारी जताई। दवाओं के सवाल पर वह तपाक से कहती हैं कि दवायें तो जिले में हैं। जो सभी अस्पतालों में भेजी जा रही हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगोलीहाट के प्रभारी डॉ सिद्धार्थ पाटनी कहते हैं कि जिले को मांग के अनुसार दवाएं नहीं मिल रही हैं। जीवन रक्षक दवायें मार्केट से खरीदकर मरीजों को उपलब्ध करा रहे हैं।


भ्रष्टाचार की योजना

 

  • संतोष सिंह

 

चमोली। पहाड़ों में लोगों की प्यास बुझाने के लिए लाखों&करोड़ों खर्च कर बनाई गई योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती हैं। लोग पाइप लाइनों में पानी आने का इंतजार करते रह जाते हैं। चमोली जिले के कोडिया गांव के भोटिया परिवारों के लिए बनी गोखरा&तारकोली पाइप लाइन पर पिछले छह माह से पानी नहीं आ रहा है। टिटरी&कोडिया ५ किमी लंबी स्वजल की लाइन भी गांव पहुंचने से पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। जिसके चलते ग्रामीण कई किलोमीटर पैदल चलकर अपनी एवं मवेशियों की प्यास बुझाने को मजबूर हैं। शासन&प्रशासन से कई बार गुहार लगाने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई।

 

स्थानीय निवासी जयलाल ने बताया कि उन्होंने पानी के लिए कई बार जल संस्थान के दफ्तर में हाजिरी दी। इसके साथ ही इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी को भी ज्ञापन दिया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। १४ सितंबर को जनता दरबार में पहुंचे सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सामने कोडिया गांव के राम सिंह ने पानी की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा जेई के साथ जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन देने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है। इस पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कार्यवाही का भरोसा दिलाया। लेकिन विभाग ने दो सप्ताह बाद भी कुछ नहीं किया। इससे साफ है कि जल संस्थान के लिए मुख्यमंत्री का आदेश भी कोई मायने नहीं रखता है। विभगीय अधिकारी अपनी मनमानी करने में लगे हैं। वहीं ग्रामीण प्यासा दूर&दूर भटक रहा है।

 
         
 
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  • जसपाल नेगी

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