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vad 14 23-09-2017
 
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संवाद
 
^la?k आगे भी सुझाव देता रहेगा^

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में सक्रिय रहे धन सिंह रावत वर्ष २००४ में प्रदेश भाजपा के सह संगठन महामंत्री बने। २०१७ में श्रीनगर विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए। आज वे प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार हैं। उच्च शिक्षा] सहकारिता] दुग्ध विकास एवं प्रोटोकॉल विभाग का दायित्व उनके पास है। सरकार में जिन मंत्रियों के कामकाज को सराहा जा रहा है उनमें धन सिंह रावत का नाम भी शामिल है। ^दि संडे पोस्ट^ के विशेष संवाददाता कृष्ण कुमार ने उनसे राज्य के राजनीतिक हालात और उनके विभागों के कामकाज संबंधी मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के अंशः

 

   हमने स्कूलों में जबरन वंदेमातरम नहीं थोपा है। मैंने सभी महाविद्यालयों और स्कूलों में जाकर सबसे राय&मशविरा किया। 

 

    राज्य में नौकरशाही बेलगाम है] काम नहीं करती] यह सब मनगढ़ंत बातें हैं। इनका कोई आधार नहीं है।

 

राज्य की उच्च शिक्षा में बड़े पैमाने पर निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ रही है] लेकिन उस हिसाब से शिक्षा का स्तर ऊपर नहीं उठ पा रहा है। इसको आप कैसे देखते हैं\

राज्य में २० विश्वविद्यालय हैं। इनमें ११ सरकारी और ९ निजी क्षेत्र के हैं। इन सभी में बेहतर और अच्छी शिक्षा दी जा रही है। जो कमियां रही उनको हमने पूरा करने का प्रयास किया है। सरकारी विश्वविद्यालयों की बात करूं तो हर विषय और फैकल्टी के प्रोफेसरों की नियुक्ति और अन्य समस्या का समाधान हमने किया है। अभी हमने लोकसेवा आयोग के जरिए ८७७ प्रोफेसरों को नियुक्ति करने का आदेश जारी किया है। दूसरा हमने १८० दिन की पढ़ाई] ४० दिन में परीक्षाएं और ३० दिन में परीक्षा का परिणाम अनिवार्य कर दिया है। पहले इसमें कोई नियम तय नहीं था। हर विश्वविद्यालय अपने हिसाब से काम करता था। इसके साथ ही पहली बार हम केंद्रीय मूल्यांकन करवा रहे हैं।

प्रदेश में इंजीनियरिंग कॉलेज लगातार बंद हो रहे हैं] ऐसा क्यों\ 

यह केवल उत्तराखण्ड की ही समस्या नहीं है। अनुमानतः पूरे देश में ६० प्रतिशत इंजीनियरिंग कॉलेज बंद हो गए हैं या बंदी के कगार पर हैं। क्योंकि अब इस क्षेत्र में उतना आकर्षण नहीं रह गया जितना पहले था। मैं समझता हूं कि अब हमे समय के अनुसार शिक्षा व्यवस्था को भी बदलना पड़ेगा।

उच्च शिक्षा के नाम पर डिग्री कॉलेजों की स्थापना हुई लेकिन उनमें प्रवक्ताओं] स्टाफ और संसाधनों आदि की भारी कमी है।  यह कब तक दूर कर पाएंगे\

यह सही है कि हमने कई ऐसे कॉलेज खोल दिए हैं जहां कोई सुविधाएं नहीं हैं। यह राज्य बनने के बाद से ही होता रहा है। शिक्षा मंत्री बनने पर सबसे पहले मैंने इसी दिशा में काम करना शुरू कर दिया था। अभी मैंने आपको बताया कि राज्य के डिग्री कॉलेजों में हमने लोक सेवा आयोग के तहत ८७७ प्रोफेसरों की नियुक्तियां करने का ओदश जारी कर दिया है।

कई महाविद्यालय आज भी बगैर भवन के चल रहे हैं। आखिर कब तक आप महाविद्यालयों को अपना भवन दे पाएंगे।

अभी लगभग १८ महाविद्यालय किराए के भवनों से संचालित हो रहे हैं। इनमें से आठ महाविद्यालयों के लिए जमीन का चयन हो चुका है। बाकी के लिए जैसे&जैसे जमीन उपलब्ध होती जाएगी निर्माण कार्य आरंभ होता जाएगा। मैं इतना कह सकता हूं कि सभी महाविद्यालयों के अपने भवन एक से डेढ़ वर्ष तक मिल जाएंगे।

मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र का इकौलता डिग्री कॉलेज के पास तो अपना भवन भी नहीं है\

डोईवाला का डिग्री कॉलेज अब नए भवन में शिफ्ट हो गया है। इसके बाद भी जो कमियां समय&समय पर सामने दिखेंगी या मेरे संज्ञान में आएंगी] उनका तुरंत निस्तारण कर दिया जाएगा।

ऋषिकेश का एक मात्र डिग्री कॉलेज ऑटोनामस हो चुका है। क्या अब ऋषिकेश को नया डिग्री कॉलेज मिलेगा या नहीं\

यह सही बात है कि ऋषिकेश में एक नए डिग्री कॉलेज की जरूरत है। जहां तक सीटों की बात है तो हमने सीटें बढ़ाए जाने का निर्णय लिया है। वहां नया भवन बनकर तेैयार हो गया है और कुछ ही दिनों में नए भवन का संचालन हो जाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री निशंक ने श्यामपुर में बालिका महाविद्यालय की ?kks"k.kk की थी लेकिन आज तक उसका पता नहीं है\

मैंने कहा न कि चाहे श्यामपुर हो या ऋषिकेश] जहां भी भूमि उपलब्ध होगी वहीं नए कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। हमारी सरकार इसके लिए पूरी तरह से प्रयासरत है।

गढ़वाल विश्वविद्यालय के केंद्रीय विश्वविद्यालय होने के बाद चौरास परिसर को उत्तराखण्ड में वापस लेने की मांग उठी थी। पूर्व की सरकारें भी सहमत थीं। क्या आप इस दिशा में कुछ करेंगे\

गढ़वाल विश्वविद्यालय जब केंद्रीय विश्वविद्यालय बना तो सभी परिसंपतियां भी केंद्रीय विश्वविद्यालय को चली गईं। चौरास परिसर गढ़वाल विश्वविद्यालय का ही हिस्सा था उसे हम कैसे रोक सकते थे। लेकिन अगर मांग होती है तो इस पर भारत सरकार से बात करके हल निकालने का प्रयास किया जाएगा।

राज्य में सहकारी समितियों के मामले में कई बार अनियमिताएं सामने आ चुकी हैं। इस पर रोक कब तक लगा पाएंगे\

जब से मैंने सहकारिता विभाग का काम संभाला है तब से मैंने विभाग में बहुत बड़ा बदलाव किया है। हमने सहकारी बैंकों को ऑन लाइन कर दिया है। हमने सहकारी समितियों को बहुउद्देशीय la\kन सहकारी समितियों में बदल दिया है। अभी तक जो&जो भ्रष्टाचार के मामले सामने आए उन पर जांच बैठा दी है। कइयों को शो कॉज नोटिस दे दिए गए हैं। किसी भी सहकारी समिति में भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा।

पर्यटक स्थलों में फर्जी सहकारी समिति बनाकर पर्यटकों के साथ छल किया जाता है। इस पर कब तक रोक लगाई जा सकेगी\

फर्जी सहकारी समिति को तुरंत समाप्त कर दिया जाएगा।

सहकारी बाजारों की स्थापनाएं करने की ?kks"k.kkएं सरकारों ने की थी लेकिन इस पर अपेक्षित काम नहीं हो पाया\

सहकारी विभाग में आज जितनी तेजी से काम हो रहा है शायद अभी तक पहले कभी नहीं हुआ है। हमने राज्य में पहला महिला सहकारी बैंक स्थापित किया है। इसमें चतुर्थ श्रेणी से लेकर मैनेजर तक सभी महिलाएं ही काम करेंगी। राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी हम महिला सहकारी बैकों की स्थापना करने जा रहे हैं। हमारा प्रयास सभी सहकारी समितियों को अपग्रेड कर सहकारी बाजार के तोैर पर उनको विकसित करने का है। हाट और पीठ बाजार इसकी श्रेणी में आते हैं। इस पर प्लानिंग हो रही है।

पूर्व कांग्रेस सरकार ने बद्री गाय पालन योजना शुरू की थी। आप नई योजना लेकर आए हैं। जिसमें दुग्ध उपादन पहले से कम हो जाएगा। फिर इससे क्या लाभ होने वाला है\

बद्री गाय योजना पशुपालन विभाग की है और मेरे पास दुग्ध विकास विभाग है। हमारी सोच है कि हम जैविक दूध की ओर बढ़ें। यह सही है कि बद्री गाय से दूध बहुत कम मिलता है लेकिन उसके दूध में पौष्टिक तत्व अन्य गायों से ज्यादा होता है। बद्री गाय पहाड़ों के लिए सबसे अच्छी प्रजाति है। गौमूत्र और गोबर से इसका दोहरा लाभ मिलता है। फिर इस बद्री गाय को पालने में उतनी मेहनत और खर्च नहीं होता है जितना अन्य नस्ल की गायों में होता है। हम यह नहीं कर रहे हैं कि लोग केवल बद्री गाय ही पालें। हमारा प्रयास है कि लोग अन्य गायों के साथ कम से कम एक बद्री गाय जरूर पालें। इसके लिए हम कलस्टर की व्यवस्था करने वाले हैं जिसके तहत बद्री गाय के दूध] गौमूत्र और गोबर से पशुपालकों को दोहरा लाभ होगा।

दुग्ध समितियों के कर्मचारियों को कई महीनों से वेतन नहीं मिल पा रहा है\

आपको बता दूं कि मेरे द्वारा विभाग संभालने के बाद दुग्ध la?k ?kVs से उबर रहे हैं। अब वेतन मिलता रहेगा। हमने इन समितियों के कर्मचारियों का तबादला भी किया है। कुछ को वहां भेजा जाएगा जहां la?kप्रॉफिट में हैं। जो वीआरएस लेना चाहते हैं उनको वीआरएस देने का निर्णय ले लिया है। पौेड़ी] टिहरी और अल्मोड़ा के दुग्ध la?kको योजना बनाकर छह माह में प्रॉफिट में लाएंगे॥

छात्र la?k चुनाव में एबीवीपी कई ऐसे महाविद्यालयों में हार गया जहां वह हमेशा जीतता रहा। छात्रों का आरोप है कि यह आपके द्वारा जबरन थोपे गए वंदेमातरम का नतीजा है\

हमने स्कूलों में जबरन वंदेमातरम नहीं थोपा है। मैंने सभी महाविद्यालयों और स्कूलों में जाकर सबसे राय&मशविरा किया। 

जिन मंत्रियों के कामकाज को सराहा जा रहा है उनमें आप भी हैं। लेकिन परिणाम नहीं दिखाई दे रहे हैं। इसका कोई राजनीतिक कारण है या पूर्व की प्रथा का असर है\

आपका कहना सही नहीं है। मुझे लगता है कि अगर सर्वाधिक परिणाम किसी मंत्रालय के आए हैं तो मेरे विभाग से ही आए हैं। राज्य में पहली बार हमने विश्व स्तर का पुस्तक मेला देहरादून में संचालित किया है। यह हर वर्ष लगता रहेगा। सहकारी विभाग में बड़ा बदलाव करने में मैं सफल रहा हूं। उच्च शिक्षा क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। कई महाविद्यालयों का उद्द्घाटन मैंने कर दिया है और कुछ के इस महीने होने हैं। देहरादून के महाविद्यालयों में सीटों को लेकर आंदोलन होते थे। महाविद्यालयों में सीटें बढ़ाए जाने का निर्णय लिया गया। देहरादून के आसपास के क्षेत्रों में नए महाविद्यालयों की स्थापना की। पीजी कॉलेज में उच्चीकरण करवाया। हर महाविद्यालय में एक पूरी फैकेल्टी स्थापित करने का काम किया। इन पांच महीनों में मैंने पूरी ईमानदारी और बेहतर सोच से काम किया और परिणाम सबके सामने हैं।

क्या वास्तव में प्रदेश की नौकरशाही मनमर्जी से काम कर रही है\

राज्य में नौकरशाही बेलगाम है] काम नहीं करती] यह सब मनगढ़ंत बातें हैं। इनका कोई आधार नहीं है।

आरएसएस को सरकार के कामकाज की समीक्षा कर सुझाव देने की जरूरत क्यों पड़ी\ 

आप पत्रकार हैं। अगर आप मुझे कोई सुझाव देंगे और मुझे लगेगा कि यह सुझाव देश और प्रदेश की जनता के लिए सही है तो मैं उस पर िवचार करूंगा। उसको योजना में लाने का प्रयास करूंगा। la?kहमेशा से समाज और देश हित में अपने सुझाव देता रहा है। आगे भी देगा।

वर्तमान सरकार में पौड़ी जनपद को सबसे अधिक प्रतिनिधित्व मिला है। फिर भी पौड़ी जिले का हर क्षेत्र में बदहाल है] ऐसा क्यों\

हमारी सरकार पौड़ी जिले के विकास के लिए जितना संभव हो सकेगा करेगी। मैं माननीय मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को सेना के सुपुर्द करके एक बड़ा काम किया है। जिले में अब चिकित्सा और स्वास्थ्य के हालात बदलेंगे।

राजनीतिक चर्चा है कि वर्तमान सरकार में रावतों का राज है। क्या वास्तव में रावत राज है\

देखिए] लोकतंत्र में इस तरह की बातें नहीं होनी चाहिए। व्यक्ति की पहचान उसकी जाति से नहीं] बल्कि काम से होनी चाहिए। मैं अगर रावत हूं और मेरा काम अच्छा नहीं है तो मुझे कौन याद करेगा।

जनता के लिए आपका कोई संदेश\

जनता को मेरा यही संदेश है कि जनता ने हमें बहुत बड़ा बहुमत दिया है। जनता सरकार पर पूरी तरह से भरोसा कर सकती हेैं।

 
         
 
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उत्तरकाशी जिले में बाड़ाहाट नगर के निकट माण्डौं गांव में स्थित शांति साधना कुटीर बारही शक्तिपीठ में गोबर से तैयार गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया गया। गंगा जल से भरे सूक्ष्म जल कुंड में

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