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ब्रिक्स सम्मेलन में भारत का संदेश
नई दिल्ली। चीन के शियामेन शहर में ब्रिक्स सम्मेलन में भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पंचशील सिद्धांतों के तहत ही चीन और भारत को आगे बढ़ने की जरुरत है। मतभदों को कभी विवाद नहीं बनने देंगे। शांति, स्थिरता और विकास से ही ब्रिक्स देशों को और मजबूत बनाया जा सकता है। 
सम्मेलन के समापन की औपचारिक घोषणा के साथ ही कहा गया कि आगामी ब्रिक्स सम्मेलन अगले साल दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में  होगा। ब्रिक्स सम्मेलन पर देश और दुनिया की नजर इस बात पर टिकी थी कि भारत और चीन के बीच बातचीत का एजेंडा क्या होगा। ऐसे में जब ब्रिक्स का घोषणापत्र जारी हुआ तो उसमें अहम बात ये रही कि पहली बार चीन ने माना कि लश्कर और जैश दुनिया के लिए खतरनाक हैं। ब्रिक्स के घोषणापत्र में लश्कर और जैश संगठनों का जिक्र होना भारत के लिए अहम कामयाबी मानी गई। अगर आप 2016 गोवा ब्रिक्स के घोषणापत्र को देखें तो उस समय भारत की पुरजोर कोशिशों के बाद भी लश्कर और जैश के नाम पर चीन अड़ गया था। 
 
         
 
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  • गुंजन कुमार@अरुण कश्यप

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