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प्रदेश 
 
बिन हॉस्टल आवासीय विद्यालय
  • संजय कुंवर

चमोली जिले के एकमात्र राजीव अभिनव आवासीय विद्यालय जोशीमठ में अध्यनरत गरीब परिवारों के ६६ मेधावी बच्चों को पिछले तीन सत्रों से कोई भी सुविधा नहीं मिल रही है। यहां तक कि उन्हें पाठ्य पुस्तकें भी अभी तक नहीं मिल पाईं हैं। विद्यालय की अव्यवस्था को देखकर अब अभिभावकों में भी रोष है। गरीब अभिभावक मजबूरी में महंगे किराए के मकान में रह रहे हैं खुद ही राशन का खर्च उठाकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों का इन आवासीय विद्यालय से मोह भंग होने लगा है। 

सरकार की लापरवाही का खामियाजा यहां पढ़ने वाले नौनिहालों और उनके गरीब अभिभावाकों को भुगतना पड़ रहा है। कक्षा  ६ का नया सत्र अन्य विद्यालयों में अप्रैल माह से शुरू हो चुका है। लेकिन इस आवासीय विद्यालय में सब कुछ पीछे चल रहा है। यहां ४ माह गुजर जाने पर भी छठी क्लास में प्रवेश शुरू नहीं किए गए हैं। नए सत्र में अपने नौनिहालों का प्रवेश कराने के लिए अभिभावकों को रोज चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यही नहीं शिक्षकों को भी समय पर मानदेय नहीं मिल पाता है। बावजूद इसके गुरुजनों द्वारा बच्चों को सीमित संसाधनों से ही बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पिछले तीन सत्रों से दी जा रही है। अब ऐसे में विद्यालय के बच्चों ने सरकार से गुहार लगाई है कि जल्द उनको आवासीय सहित सभी तरह सुविधाएं मिलें जिससे उनका भविष्य सुधर सके।

दरअसल सरकार ने सीमांत क्षेत्रों के दूरस्थ इलाकों के गरीब परिवारों के मेधावी बच्चों को कक्षा पांच के बाद की बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से प्रदेश में १५ अगस्त २०१५ को चार राजीव गांधी अभिनव आसीय विद्यालय खोले थे। जिनमें चमोली में जोशीमठ] पिथौरागढ़] में बेरीनाग] नैनीताल में बेताल ?kkV और पौड़ी जिले में जहरीखाल आवासीय विद्यालय खोले गए हैं। दूरस्थ गांवों के सरकारी विद्यालयों से पांचवी पास मेधावी बच्चों को यहां प्रवेश देने का प्रावधान है। लेकिन लगता है कि ये विद्यालय अपने उद्देश्यों से भटक गए हैं।

जोशीमठ आवासीय विद्यालय जीआईसी के परिसर में संचालित हो रहा है। वर्तमान में अभी कक्षा आठ तक तीन सत्र चल चुके हैं। ४ संविदा शिक्षक कक्षा ७ के ३१ और कक्षा ८ के ३५ छात्र-छात्राओं को पढ़ा रहे हैं। लेकिन बड़ी बात ये है कि ३ शैक्षिक सत्र बीत जाने पर भी यहां बच्चों को न आवासीय सुविधा मिली है न भोजन और ना ही दैनिक उपयोग की चीजें। समय पर किताबें तक उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। 

विद्यालय के अध्यापकों का कहना है कि आवासीय सुविधा के लिए हॉस्टल का निर्माण चल रहा है। जल्द ही ८वीं के बच्चों को आवासीय सुविधा मिल सकेगी। किताबों की डिमांड भेजी थी। इस पर बजट आ गया। जल्द किताबें भी उपलब्ध हो जाएंगी। लेकिन भोजन प्रकरण पर चुप्पी साधे गुरुजनों का कहना है कि उनको भी समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। उनको जो भी सरकार से आदेश मिलेंगे उनका अनुपालन होगा। ^दि संडे पोस्ट^ टीम विद्यालय के हालत का जायजा लेने पहुंची तो बच्चों ने अपनी आपबीती बताई कि हमारे अभिभावकों ने हमें यहां इसलिए रखा कि शिक्षा का अच्छा माहौल मिलेगा। लेकिन अब उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। 

 

विगत तीन सत्रों के दौरान हमें कुछ भी सुविधाएं नहीं मिलीं।

विकास कुंवर] छात्र कक्षा ८

स्कूल में शिक्षकों की कम है। किताबें भी समय पर नहीं मिल पाई हैं।

रिंकी सजवान] छात्रा कक्षा-८

आवासीय सुविधा जल्द मिल सकेगी। हॉस्टल का काम अंतिम चरण में है। भोजन व्यवस्था भी जल्द सुचारू हो जाएगी। इससे सरकार को अवगत करा दिया गया है। नए प्रवेश के लिए जल्द कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। छठवीं क्लास के लिए आदेश मिलने पर प्रवेश शुरू कर दिए जाएंगे।

विवेक पंवार] बीईओ जोशीमठ 

 

 

 

 

 

 

 
         
 
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