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प्रदेश 
 
शराबियों की सुरक्षा में मुस्तैद

  • अरुण कश्यप

यदि आपको शराब पीनी है तो आप बैखौफ होकर आइऐ। रास्ते में कोई आपको नहीं रोक पाएगा क्योंकि आप की सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस से लेकर आबकारी और पीएसी बल तक यहां मौजूद हैं। कुछ ऐसा ही नजारा जिले की सबसे विवादास्पद शराब की दुकान ¼जगजीतपुर ठेका½ के आस&पास है। यह दुकान राजस्व देने में जिले भर में नंबर दो के पायदान पर है। 

आपको बता दें कि बहुत पहले ही हरिद्वार के पूरे नगरीय क्षेत्र को ड्राई क्षेत्र द्घोषित किया गया है। यानी आप शांतिकुंज से लेकर कनखल तक न तो मांस और मदिरा का सेवन कर सकते हैं और न ही यहां बेच सकते हैं। ऐसा करते पाए जाने पर अच्छी खासी सजा का भी प्रावधान है। ऐसे में शराब पीने वालों के लिए जगजीतपुर शराब का ठेका कैसे लाइफ लाइन बन जाता है? यह ठेका शहर के सबसे नजदीक पड़ने वाला ठेका भी है। यहां कितनी भारी मात्रा में शराब की बिक्री होती है इसका अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि इस ठेके पर सालाना १६ करोड़ से भी ज्यादा का अधिभार है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हाल ही में आए एक फैसले ने देशभर के ठेकों सहित इस ठेके के मालिकों की समस्या को आसमान जितना बढ़ा दिया।

दरअसल] सुप्रीम कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका पर हुई सुनवाई के बाद राजमार्गों से ५०० मीटर दूर पर ही अब ठेका संचालित हो पाएगा। जिसके बाद ठेका खोलने के दर्जनों विवाद सामने आ चुके हैं जो धीरे&धीरे सुलझ गए। लेकिन आधा दर्जन से भी ज्यादा जगह बदल चुका जगजीतपुर शराब का ठेका अभी तक विवादों का केंद्र बना हुआ है। क्षेत्रीय भाजपा विधायक स्वामी यतीश्वरानंद और नगर निगम हरिद्वार के महापौर मनोज गर्ग तक इस ठेके के विरोध में प्रदर्शन कर चुके हैं।

जगदीशपुर] जमालपुर कलॉ तथा पंजन्हेड़ी में ठेका खुला पर स्थानीय लोगों के विरोध के बाद ठेका चलाने में नाकाम रहे ठेकेदार ने पुरानी जगह के आस&पास ठेका खोल दिया। यह सोचकर कि यहां कोई समस्या नहीं होगी। लेकिन यहां भी रास्तों को लेकर बड़ी समस्याएं खड़ी हुई क्योंकि इस जगह के चारों तरफ कॉलोनियों से होकर रास्ता आता है। इसमें सबसे सरल रास्ता नगर निगम की भूमि तथा एसटीपी प्लांट कॉलोनी के पास से होकर गुजरता है। सभी कॉलोनी वालों ने एकजुट होकर इस जगह के रास्ते बंद कर दिए हैं] बाद में मौके पर पहुंचे भाजपा विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने ठेके पर पहुंचकर ताले जड़वा दिए। 

इस सबसे त्रस्त होकर ठेके के मालिक सीधे आबकारी अधिकारियों के पास पहुंच गए। अपने और राजस्व के हर रोज हो रहे लाखों रुपए के नुकसान की बात भी रखी। मामला जब जिलाधिकारी महोदय तक पहुंचा तो उन्होंने तुरंत एक आदेश जारी कर भारी संख्या में पुलिस बल ठेके के आस&पास तैनात कर दिया। ताकि शराब लेने जाने वालों को कोई रोक न सके। इसके लिए पीएसी जवानों के साथ&साथ स्थानीय पुलिस तथा आबकारी विभाग के जवान भी ड्यूटी पर लगाए गए। अब आलम ये है कि इस ठेके पर शराब लेने जाने वाले हर शख्स को पुलिस सुरक्षा मिलती है।

दिलचस्प यह है कि शहर के सबसे नजदीक जगजीतपुर ठेके पर चले विवाद का सबसे ज्यादा फायदा धनपुरा शराब के ठेके को हुआ क्योंकि एकाएक उसकी बिक्री दस गुना तक बढ़ गई। जो यहां के ठेके मालिकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं। कयास लगाए जा रहे हैं कि जगजीतपुर शराब के ठेके पर विवाद कायम रहे इसके लिए यह ठेकेदार कई तरह की जुगत भिड़ा चुका है। चर्चा तो यहां तक है कि इसने कई स्थानीय नेताओं से भी जगजीतपुर शराब के ठेके का हर जगह विरोध कराया है।

 

राजस्व नुकसान को लेकर शासन से पत्र आया था। जिसके बाद हमने यह आदेश दिए हैं।

दीपक रावत] जिलाधिकारी हरिद्वार 

 

रात में अवैध खनन

  • दिकदर्शन रावत

राज्य की नदियों में १५ जून के बाद चुगान बंद कर दिया जाता है। लेकिन मानसून में भी धड़ल्ले से अवैध खनन चल रहा है। खनन माफिया को न तो प्रशासन का डर है और न ही स्थानीय लोगों के विरोध की परवाह है। नैनीताल जिले के बेताल द्घाट क्षेत्र में सेठी बेलगांव एवं कटवी गजार में खनन माफिया ने इस बीच कोसी नदी के बीचों बीच ५० मी चौड़े एवं १० फुट गहरे गड्ढे कर दिए हैं। खनन माफिया रात को जेसीबी मशीनों से खनन कर रहा है] जबकि नदी में मशीन डालना पूर्ण रूप से वर्जित है। इससे स्थानीय लोगों में भारी रोष है। 

कुछ दिन पहले गाजर गांव के लोगों ने रात में छापेमारी कर अवैध खनन करने से रोका तो बताया जाता है कि माफिया ने उन्हें धमकाया। स्थानीय लोगों के पास इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी है। लोगों ने इस बारे में एसडीएम को ज्ञापन दिया। पुलिस& प्रशासन में भी शिकायत की। ग्रामीण भुवन जैसे कुछ जागरुक लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री से भी शिकायत की है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। कारर्वाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। गाजर के मुताबिक जिस वीडियो में वे खनन का विरोध कर रहे हैं उसमें रामनगर का एक व्यक्ति जो उन्हें धमकी दे रहा है उसे नदी के किनारे पर भंडारण की परमिशन दी गई है। बताया जा रहा है कि इस भंडारण में रात को चोरी&छिपे खनन करके रखा जाता है। रोज माल इधर&उधर बेचा जा रहा है जबकि प्रशासन से लोगों को सिर्फ कार्रवाई का आश्वासन ही मिल पा रहा है। स्थानीय लोग प्रशासन की इस लापरवाही से नारज हैं। उनका कहना है कि खनन माफिया को चोरी करने की खुली छूट दी जा रही है। 

हल्दूपानी की जमीन पर भी खनन हो रहा है। यहां पर कोई पट्टा स्वीकूत नहीं होने के बावजूद खनन हो रहा है। कोसी नदी में रतौड़ा पुल के पास भी खनन जारी है। अब इन माफियाओं ने खनन के लिए रात का समय तय कर लिया है।

 

बात अपनी&अपनी

खनन मानकों के अनुसार ही होना चाहिए। अवैध खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता की शिकायत पर अवश्य कार्रवाई होनी चाहिए।

संजीव आर्य] fo/kk;d नैनीताल

खनन माफिया ने हमें धमकाया कि पटवारी] पुलिस] एसडीएम से लेकर कहीं भी चले जाओ तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। मैं अपना काम करुंगा ही।

बहादुर सिंह] निवासी गाजर गांव

हम पटवारी और थाने में जाकर शिकायत कर चुके हैं। तहसील का ?ksjko भी किया गया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

तायल गिरी] निवासी गाजर गांव

 


छात्र की मौत पर आक्रोश

  • गोपाल बोरा

बिंदुखत्ता के चित्रकूट गांव निवासी एक छात्र की हरियाणा के गुड़गांव क्षेत्र में हुई हत्या से पूरे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। मृतक छात्र को न्याय दिलाने और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। दोषियों पर मामला उत्तराखण्ड में चलाए जाने की भी मांग हो रही है।

मामला गुडगांव के नाथुपूर गांव के डीएलएफ फेस&३ के यू ब्लॉक का है] जहां २८/ए में लालकुआं ¼नैनीताल½ बिंदुखत्ता के चित्रकूट गांव निवासी पूर्व सैनिक रतन सिंह बिष्ट का छोटा बेटा रमेश बिष्ट अपने दोस्तों के साथ रह रहा था। वह प्रधानमंत्री कौशल योजना के तहत वहां होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा था। पता चला है कि पिछले ३ दिनों से उनके पीजी में पानी नहीं आ रहा था और बिजली की समस्या भी थी। इसी बात की शिकायत करने पर पीजी मालिक सतबीर सिंह क्रोधित हो गया। बुधवार की रात साढ़े ११ बजे वह रमेश और उसके दोस्तों के पास आया। उसने अपने साथियों की मदद से इन छात्रों की पहले जमकर पिटाई की ओर बाद में रमेश को छत से नीचे फेंक दिया। नीचे गिरते ही रमेश की मौत हो गई। मृतक के दोस्तों के बयान के आधार पर आरोपी सतबीर और अन्य ८ से १० युवकों के खिलाफ पुलिस ने हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। रमेश के दोस्तों ने इस द्घटना की सूचना उसके पिता रतन सिंह बिष्ट को दूरभाष पर दी। रतन सिंह पंतनगर विश्वविद्यालय में गार्ड की नौकरी करते हैं। दो पुत्र तीन पुत्रियों में से रमेश चौथे नंबर पर था। जिसे उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल योजना के तहत होटल मैनेजमेंट का कोर्स कराने दिल्ली भेजा था।

पड़ोसियों का कहना है कि होटल 

मैनेजमेंट का कोर्स करने इस क्षेत्र से दर्जनभर से अधिक छात्र गुड़गांव गए हैं। उधर पुलिस ने पीजी के मालिक सहित अन्य कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। द्घटना की जानकारी मिलते ही जहां परिवार में कोहराम मच गया] वहीं आस&पास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस हृदयविदारक द्घटना से आक्रोश व्याप्त है। रमेश को न्याय दिलाने के लिए रैलियां निकाली जा रही हैं। मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया कि इस मामले को उत्तराखण्ड के न्यायालय में स्थानांतरित किया जाए।

 

बात अपनी&अपनी

रमेश को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

नवीन दुमका] विधायक

जब तक रमेश को न्याय नहीं मिलेगा संद्घर्ष जारी रहेगा।

हरेंद्र बोरा] पूर्व पीसीसी सदस्य 

 

 
         
 
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