fnYyh uks,Mk nsgjknwu ls izdkf'kr
चौदह o"kksZa ls izdkf'kr jk"Vªh; lkIrkfgd lekpkj i=
vad 50 02-06-2018
 
rktk [kcj  
 
 
तेजस्वी की जगह कौन

ऐसा लगता है कि लालू प्रसाद और उनके  परिवार के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। सरकार में उनके दो&दो पुत्रों के मंत्री बनने पर लगता था कि उनके अच्छे दिन लौट आए थे। मगर अच्छे दिनों की मियाद बहुत कम थी। लालू प्रसाद से खार&खाए भाजपा ने उनके परिवार पर आयकर और सीबीआई का शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मामला ज्यादा गंभीर तब हो गया जब] लालू प्रसाद के पुत्र और बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ सीबीआई ने मामला दर्ज कर दिया है अब मंत्री पद से इस्तीफा देना एक तरह से जरूरी हो गया है। इस्तीफे के सवाल पर जद (यू)&राजद गठबंधन में दरारें दिखाई देने लगी हैं। राजद इस्तीफा न देने के पक्ष में है तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस्तीफा देने के लिए अल्टीमेटम दे दिया है। अगर तेजस्वी यादव इस्तीफा देते हैं तो उनकीं जगह राजद के कोटे से उपमुख्यमंत्री कौन बनेगा? दो विकल्पों की चर्चा है। पहला यह कि लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव को इस जगह बिठा दिया जाए। दूसरा यह कि अब्दुल बारी सिद्दीकी को उपमुख्यमंत्री बनाना राजद (यू) और राज्य हित में ज्यादा अच्छा होगा। सिद्दीकी&लालू के प्रति वफादार भी हैं और राजनीकि रूप से बहुत सुलझे हुए भी लेकिन जो कुछ भी हो उत्पन्न स्थिति गठबंधन के लिए शुभ संकेत नहीं है। दोनों दलों के दरम्यान दरारें पड़ गई हैं। ऐसे में समझौते की डोर थामे और कितने दिन तक यह सरकार और गठबंधन चलता है] इसका देश&प्रदेश को इंतजार है।

हरक&सतपाल झड़प

त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार बहुत स्मूथली नहीं चल पा रही है। सतह पर भले ही सब कुछ सही दिखता हो। मगर सतह के भीतर का सच कुछ और है। ताजा मामला सरकार के दो मंत्रियों के बीच झड़प का है। यह झड़प मंत्रिमंडल की बैठक में हुई है। मंत्री सतपाल महाराज और हरक सिंह रावत के बीच बदरीनाथ&केदारनाथ मंदिर समिति के मामले में झड़प हुई। दरअसल समिति को महाराज भंग करना चाहते थे क्योंकि यहां उनके विरोधी काबिज थे। लेकिन कोर्ट से मिले स्टे के चलते ऐसा नहीं हो पाया। अदालत से विपक्षी को स्टे मिल जाने पर अब महाराज जी ने नई चाल चली। उनका प्रस्ताव था मंदिर समिति को भंग कर या उसकी निगरानी के लिए एक प्राधिकरण का गठन कर दिया जाए। हरक सिंह रावत ने महाराज जी के इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया जिसके बाद महाराज जी उखाड़ गए। हरक के विरोध की वजह यह बताई जाती है कि समिति के अध्यक्ष उनके खास हैं। चिंता की बात यह है कि मंत्रियों की इस लड़ाई में सरकार के कदम कहीं जमीन से न उखड़ने लगें।

विपक्ष ने ली लीड

राष्ट्रपति के लिए उम्मीदवारी के मामले में मोदी&शाह से मात खाने के बाद ऐसा लगता है कि विपक्ष संभल गया है। और तो और इस बार राष्ट्रपति उम्मीदवारी के मुद्दे पर विपक्ष एकता को पलीता लगाकर कमजोर करने वाले नीतीश कुमार भी कुछ बदले&बदले और सुधरे हुए नजर आते हैं। यह हैरानी से ज्यादा विपक्षी सजगता का ही प्रमाण है कि सत्ता पक्ष से पहले ही उसने उपराष्ट्रपति के लिए महात्मा गांधी के प्रपौत्र गोपाल कूष्ण गांधी का नाम प्रस्तावित कर दिया है। गोपाल कूष्ण गांधी बहुत सौम्य] शालीन और बौद्धिक माने जाते हैं। यहां विपक्ष ने महात्मा गांधी का कार्ड खेला है। अब सत्ता पक्ष इस नाम के मुकाबले किसे उतारता है यह सियासत में दिलचस्पी रखने वालों के लिए बड़ी उत्सुकता की बात है। माना जा रहा है कि हर बार की भांति इस बार भी मोदी&शाह आपस में कुछ मंत्रणा करने के बाद सहसा कोई नाम उछालने में इस जोड़ी को लोगों को चौंकाने और जुमला उछालने में बड़ा मजा मिला है। हमारे साथ&साथ अब आप भी नए नाम का इंतजार कीजिए।

 

 
         
 
ges tkus | vkids lq>ko | lEidZ djsa | foKkiu
 
fn laMs iksLV fo'ks"k
 
 
fiNyk vad pquss
o"kZ  
 
 
 
vkidk er

,क्या उत्तराखंड में ऐसी कोई सरकार आयेगी जो जंगलों को जलने से रोक सके

gkW uk
 
 
vc rd er ifj.kke
gkW & 1%
uk & 23%
 
 
fiNyk vad
  • शैलेश मटियानी

आज के दौर में जब लेखकों के पास काफी हद तक जीने और लिखने की सहूलियतें मयस्सर हो गई हैं। अधिकतर लोगों के लिए लिखना एक शगल बन गया है। याद आते हैं शैलेश मटियानी

foLrkkj ls
 
 
vkidh jkf'k
foLrkkj ls
 
 
U;wtysVj
Enter your Email Address
 
 
osclkbV ns[kh xbZ
2227946
ckj