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vad 50 04-06-2017
 
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संवाद
 
^बगावत से कांग्रेस को हुआ नुकसान^

कांग्रेस आलाकमान ने चकराता के विधायक प्रीतम सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रीतम उत्तराखण्ड के जाने&माने राजनीतिक \kjkus से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता स्वर्गीय गुलाब सिंह उत्तर प्रदेश में सात बार चकराता से विधायक चुने गए और सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। प्रीतम ने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को बखूबी संभाला और १९९३ में पहली बार चकराता से उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए। उत्तराखण्ड गठन के बाद वे निरंतर इस सीट से जीतते आ रहे हैं। तिवारी] बहुगुणा और रावत सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। दिक्कत यह है कि वह चकराता के बाहर लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाए। अब देखना है कि वे पार्टी में कैसे जान फूंक पाते हैं। प्रीतम सिंह से कृष्ण कुमार की खास बातचीत के मुख्य अंश 

 

विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा हुआ है। ऐसे में आपके सामने कौन&कौन सी चुनौतियां हैं\

देखिये] पराजय का मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस समाप्त हो गई है। हमने हर दौर को देखा है। हमने १९७७ को भी बहुत नजदीक से देखा है। हम जब पराजित होते हैं तो और मजबूती के साथ वापसी भी करते हैं। ये चुनौतियां हैं और हम इन्हें स्वीकार करते हैं। 

आपकी प्राथमिकता क्या है\ 

कांग्रेस के सभी साथियों को एकजुट कर इस राज्य में एक बड़ी राजनीतिक ताकत बनाना ही हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए सभी के साथ समन्वय स्थापित करना] कार्ययोजना बनाकर उसको लागू करना और सरकार के जन विरोधी कार्यों का पुरजोर विरोध कर उसे मजबूत विपक्ष का अहसास करवाना है।

आप कांग्रेस के अनुभवी नेता हैं। कांग्रेस की करारी हार के क्या कारण मानते हैं\

देखिए] मैं बहुत ही स्पष्टवादी व्यक्ति हूं। कांग्रेस की पराजय के कारण बहुत सारे हो सकते हैं। एक बड़ा कारण प्रधानमंत्री मोदी जी रहे। उन्होंने निश्चित रूप से देश के अंदर ऐसा वातावरण पैदा कर दिया है कि जो भी कार्य भाजपा करती है वह राष्ट्र भक्ति हो जाता है। लेकिन  जल्दी ही लोग समझेंगे कि सांप्रदायिक सौहार्द को समाप्त करने का काम प्रधानमंत्री ने किया है। २०१४ के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री ने कहा था कि अच्छे दिन आएंगे] काला धन लायेंगे और देश के हर नागरिक के खाते में १५ लाख रुपए आएंगे] देश की अंतराष्ट्रीय सीमाओं को सुरक्षित करेंगे और आतंकवाद को समाप्त करेंगे। क्या यह सब हुआ।

कांग्रेस संगठन और सरकार में मतभेद सामने आते रहे। क्या संगठन अपना काम ठीक से नहीं कर पा रहा था या फिर सरकार ने कोई तवज्जो नहीं दी\

जब किसी राजनीतिक दल की सरकार बनती है] संगठन और सरकार के बीच सामंजस्य पैदा कर काम करने की कोशिशें होती हैं। कांग्रेस एक बहुत बड़ा परिवार हेै। स्वाभाविक बात है कि कई बार विचारों की अभिव्यक्ति में ऐसा प्रतीत होता है कि संगठन और सरकार में मतभेद है। जबकि मतभेद जैसी कोई बात नहीं थी।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की सरकार के समय कहा जाता था कि सरकार का कोई भी मंत्री अपने विभाग में स्वतंत्र काम नहीं कर पाता था। क्या यह अरोप सही है\

मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि ऐसा कुछ नहीं था। मैं कैबिनेट मंत्री था लेकिन मैंने कभी भी यह महसूस नहीं किया कि मेरे मंत्रालय में कभी मुख्यमंत्री हरीश रावत जी का हस्तक्षेप रहा हो। सभी मंत्रियों को स्वतंत्र काम करने की आजादी थी। 

हरीश रावत सरकार के समय आप की नाराजगी कई बार सामने आई थी] खास तौर पर गृह मंत्रालय को लेकर\

मेरा कभी कोई ऐसा बयान नहीं देखा होगा जिसमें मैंने कोई नारजगी जताई हो। मीडिया को तो सिर्फ सनसनी चाहिए होती है। 

क्या कांग्रेस में बगावत को रोका जा सकता था\

मुझे यह स्वीकार करने में कतई संकोच नहीं है कि जो बगावत हुई उससे कांग्रेस को नुकसान हुआ है। हम सबने बागियों से बात करने का प्रयास किया। इसके बावजूद हम बगावत को रोक नहीं पाए। आपका कहना है कि बगावत रुक सकती थी या नहीं] यह तो बगावत करने वालों के रुख पर निर्भर करता था। 

आप कांग्रेस में गुटबाजी को कैसे समाप्त करेंगे\

मैं स्पष्ट कर दूं कि मैं गुटबाजी में विश्वास नहीं करता हूं। मेरा उद्देश्य है कि सोनिया जी और राहुल जी के नेतृत्व में यहां कांग्रेस को पूरी ताकत के साथ मजबूत करने का काम करूं।

कहा जाता है कि आप चकराता तक ही सिमटे हुए रहते हैं। क्या आप चकराता से बाहर नहीं आ पाते हैं या  फिर आना ही नहीं चाहते\

मैं एक कार्यकर्ता हूं। आप लोग उस नेता को ही बड़ा मानते हैं जो अनर्गल बयानबाजी करता हो या समाचार पत्रों में छाया रहता हो। मीडिया को भी ऐसी सनसनीखेज बातों को बताने में मजा आता है। अगर कोई अपने दायरे में रह कर बात करे तो कहा जाता है कि वह कुछ नहीं है। हमने कभी कोई सनसनीखेज बयान नहीं दिया तो कुछ लोगों ने कह दिया कि मैं सिर्फ चकराता तक ही हूं। मेरी अपनी सीमाएं हैं और उन सीमाओं में रह कर मैं काम करता हूं। मैं मंत्री रहा और पूरे प्रदेश में मैंने काम किया। प्रदेश के हर क्षेत्र स्थानों का दौरा किया। 

आपका परिवार और आप ४० दशक से भी अधिक समय से चकराता की राजनीति में प्रभाव बनाए हुए हैं। फिर भी आपके क्षेत्र में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है\

एक बात स्पष्ट कर दूं कि इस देश में लोकतंत्र है। हर पांच साल बाद हमारी परीक्षा चुनाव में होती है। मैं लगातार अपने क्षेत्र से चुनाव जीतता रहा हूं। अगर मैंने कोई काम नहीं करवाया होता तो मेरे क्षेत्र की जनता मुझे लगातार चुनाव में कैसे जीत दिलवाती। क्या कभी आपने इस पर भी विचार किया। आप लोगों ने एक धारणा बना रखी है कि चकराता में कुछ नहीं हुआ। आप जाकर देखिये। चकराता में सड़कें बनाई हैं। बुनियादी सुविधाओं को जोड़ा है। पर्यटन नगर के तौेर पर चकराता का विकास किया है। आप जाकर तो देखिए।

क्या आपको कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाने के पीछे का कारण यह है कि आप जनजाति क्षेत्र के नेता हैं। जैसे कि प्रदीप टम्टा को दलित होने के नाते राज्यसभा भेजा गया\

कांग्रेस कभी इस तरह का प्रचार नहीं करती। यह स्पष्ट कर दूं कि प्रदीप टम्टा जी योग्य व्यक्ति थे इसलिये उनको कांग्रेस पार्टी ने राज्यसभा में भेजा। अगर दलित की ही बात होती तो और भी नेता हैं। मुझे अध्यक्ष बनाय गया तो इसलिये नहीं कि मैं जनजाति क्षेत्र से आता हूं। कांग्रेस में कोई कोटा फिक्स नहीं है। मुझे मेरे नेतृत्व ने जिम्मेदारी दी है। मैं सोनिया जी और राहुल जी का आभार जताता हूं कि उन्होंने मुझ पर विश्वास किया।

कहा जा रहा है कि वर्तमान ऐंग्लो इंडियन विधायक वास्तव में ऐंग्लो इंडियन नहीं है। फिर भी सरकार ने उनको सदन में मनोनीत किया है। कांग्रेस इस मामले में क्या रुख अपनायेगी\

हमारे जो ऐंग्लो इंडियन विधायक बने हैं मैं उनके बारे में नहीं जानता। मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता। 

आज कांग्रेस को छोड़ कर भाजपा में जाने की होड़ लगी हुई है। क्या कांग्रेस के विचारों में गिरावट आई है या कोई अन्य कारण है\

मैं इससे सहमत नहीं हूं। कांग्रेस के निष्ठावान लोग आज भी कांग्रेस में काम कर रहे हैं।

राहुल गांधी के नेतृत्व में लगातार कांग्रेस की हार हो रही है। क्या नेतृत्व के लिए राहुल गांधी से बेहतर कोई और नेता नहीं है\ 

राहुल जी के नेतृत्व में कांग्रेस मजबूत हो रही है। जहां तक चुनाव हारने का सवाल है तो यह चलता रहता है। १९७७ में हम इंदिरा जी के नेतृत्व में भी चुनाव हारे। अब क्या आप कहेंगे कि इंदिरा जी कमजोर नेता थीं। आज हम हार रहे हैं तो कल हम जीतेंगे भी।

वर्तमान राज्य सरकार के कामकाज पर आपकी क्या राय है\

अभी इस सरकार को बने हुए डेढ महीने का ही समय हुआ है। लेकिन जिस तरह से इस सरकार ने हमारी सरकार के द्वारा किये गये जनहित के कामों को उलटने का काम किया उससे साफ हो गया कि यह सरकार जनविरोधी है। हमने गरीब जनता को खाद्यान कम कीमत पर देने का काम किया। इस सरकार ने कीमतों को एकदम से बढ़ा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा था कि हम राज्य में धीरे&धीरे शराब बंदी करेंगे लेकिन शराब के कारोबार को बढ़ाने के लिए नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे को डिस्ट्रिक रोड करने का काम किया। एनएच ७४ द्घोटाले की हमारी सरकार ने जांच करवाई और यह सरकार कह रही थी कि इसकी सीबीआई जांच करवायेंगे। लेकिन अभी तक इसमें सीबीआई जांच नहीं हो पाई है। देश के प्रधानमंत्री ने कहा था कि डबल इंजन की सरकार होगी। कहां है डबल इंजन। क्या यही डबल इंजन की सरकार है कि राज्य सरकार सीबीआई को जांच करने का पत्र लिख रही है लेकिन सीबीआई उसको हाथ में ही नहीं ले रही है।

 

 
         
 
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  • जीवन सिंह टनवाल

भारत में क्रिकेट को लेकर दर्शकों में ज्यादा उत्साह रहता है। खासकर पुरुष क्रिकेट में लेकिन इन दिनों भारत की महिला टीम भी नए कीर्तिमान

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