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जनपदों से 
 
शराब के खिलाफ लामबंद
  • सुमित जोशी

रामनगर ¼नैनीताल½। उत्तराखण्ड सरकार ने राजकोषीय द्घाटे को देखते हुए शराब की बिक्री के लिए बीच का रास्ता निकाला। स्टेट हाईवे को जिला मार्ग मगर प्रदेश भर में शराब की दुकानों को बंद करवाने को लेकर महिलाएं अब भी आंदोलित हैं। बात कुमाऊं और गढ़वाल के रूप में प्रसिद्ध पर्यटन नगरी रामनगर की करें तो यहां कोर्ट का आदेश लागू होने से पहले करीब ५ देशी&विदेशी शराब के ठेके और ४ बार संचालित हो रहे थे। ये सभी दुकानें और बार एनएच&१२१ के किनारे ही संचालित हो रहे थे। लेकिन १ अप्रैल से आदेश के लागू हो जाने के बाद सभी में ताला लटक गया।

 

रामनगर में नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में शराब की दुकानें बंद कराने को लेकर महिलाओं का पारा सातवें आसमान पर है। महिलाओं को शराब के खिलाफ आवाज उठाने का ऐसा ही मौका चाहिए था। शराब के कारण आए दिन महिलाओं को प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था। बहरहाल शराब कारोबारियों ने पहले शहर के रिहायशी क्षेत्र पैठपड़ाव में दुकान खोलने की योजना तैयार कर रखी थी। लेकिन लोगों के विरोध से वहां दुकान नहीं खुल सकी। फिर कुछ कारोबारीयों ने नगर पालिका की भूमि पर बने ट्रांसपोर्ट नगर में दुकान बनाने के लिए आवेदन किया लेकिन पालिका प्रशासन ने कड़े शब्दों में इनकार करते हुए मना कर दिया। उसके बाद भवानीगंज शंकरपुर मार्ग पर शराब की दुकान खोल दी गई। जिसमें बताया जा रहा है कि दुकान के निर्माण में कुछ भूमि वन विभाग की भी प्रयोग की गयी है।

 

जानकारी के मुताबिक यह दुकान भाजपा समर्थित ग्राम प्रधान एवं काशीपुर के किसी शराब कारोबारी की है। जिसे बंद कराने को लेकर महिलाएं शाम होते ही दुकान के पास डट कर खड़ी हो रही हैं। लेकिन महिलाओं का कहना है कि उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। प्रशासन का इस मामले में ढुलमुल रवैया देख महिलाओं का पारा चढ़ गया।

 

आक्रोशित महिलाओं ने जुलूस के साथ विधायक दीवान सिंह बिष्ट के कार्यालय पर धरना दिया। धरने पर बैठी महिलाओं ने विधायक के रवैये पर सवाल खड़े करते हुए उनको जमकर कोषा। लेकिन विधायक के मौजूद न होने पर वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने विधायक तक बात पहुंचाने का हवाला देकर प्रदर्शनकारी महिलाओं को शान्त कराया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का यह भी आरोप है कि दुकानदार ने एक फर्जी मेजरनामा बनाया। जिस पर प्रशासन ने भी उसे सहमति दे रखी है। लेकिन उस दुकान से कुछ कदम की दूरी पर स्कूल संचालित होता है और पास ही में मंदिर एवं मस्जिद भी स्थापित है। यह कोर्ट के ५०० मीटर वाले आदेश को भी पूरा नहीं करता। महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा है कि उनके द्घरों में चूल्हा न जल पाये मगर आवासीय क्षेत्र के पास शराब की दुकान को खुलने नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक] जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को पत्र भी लिखा गया है। लेकिन किसी से भी उनको स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है।

 

कुछ दिन पूर्व एसडीएम परितोष वर्मा से बात की तो उन्होंने बताया कि उनको प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर दुकान नियमों का पूर्ण रूप से पालन कर रही है। जनता की मांग सिर्फ इस दुकान को हटाने की है। लेकिन जब आंदोलन कर रहे लोगों को ये पता लगा कि दुकान अवैध रूप से चल रही है तो एसडीएम साहब के झूठ से पर्दा उठ गया। हंगामे के बीच जब एसडीएम मौके पर पहुंचे तो कागजों में खामियां पाई गई। ऐसे में ये सवाल उठना लाजिमी है कि क्या एसडीएम माफियाओं को बचा रहे थे। या फिर किसी सत्ताधारी पार्टी के दबाव में १५ दिनों से यह खेल चल रहा था। 

 

अभी जहां पर दुकान संचालित हो रही है] वहां से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार दुकान कोर्ट के आदेश का पालन करती है। क्षेत्रवासियों ने शराब की दुकान के पास स्कूल संचालित होने की शिकायत की है। उस मामले में जांच की जाएगी।

पारितोष वर्मा] एसडीएम  रामनगर

 

क्षेत्र में शराब की दुकान बंद कराने को लेकर चल रहा आंदोलन मेरे संज्ञान में है। उच्च न्यायालय को ध्यान में रखकर ही शराब की दुकानें खोली जाएंगी।

दीवान सिंह बिष्ट] विधायक रामनगर 


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  • संजय कुंवर

 

जोशीमठ ¼चमोली½। मोदी सरकार देश में पर्यटन विकास पर काफी ध्यान दे रही है। मगर कई प्रदेश सरकारों एवं प्रशासन उसकी सोच पर पलीता लगाने में लगे हुए हैं। उत्तराखण्ड के मामले में तो कम से कम ऐसा ही लगता है। बदरीनाथ धाम के दर्शन के लिए प्रत्येक साल लाखों लोग देश&विदेश से आते हैं। इसलिए सीमांत पर्यटन स्थल जोशीमठ के समीप विष्णुप्रयाग में केंद्र सरकार के सहयोग से आधुनिक योग सेंटर खोला गया है। लेकिन यह सेंटर तीन साल से उद्द्घाटन की बाट जोह रहा है।

 

तीर्थाटन एवं पर्यटन नगरी जोशीमठ को सरकार ^आध्यात्मिक पर्यटन^ से जोड़ने का दावा करती रही है। पर्यटन को बढावा देने के उदेश्य से मोक्ष धाम विष्णुप्रयाग संगम के समीप केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से आधुनिक योगध्यान सेंटर का निर्माण किया गया है। इसके निर्माण में ५० लाख से भी ज्यादा की भारी भरकम धनराशि खर्च की गई। करीब ३ साल से यह योग ध्यान सेंटर बनकर तैयार है] लेकिन प्रदेश सरकार की लापरवाही कहें या इसे हैंडओवर करने वाली संस्था की कोई मजबूरी] यह सेंटर अभी तक पर्यटकों के लिए नहीं। खोला जा सका है। जिस कारण इस सेंटर पर आज भी ताला जड़ा हुआ है। यही नहीं इसके निर्माण में फिलीपींस से आयात कर मंहगी लकड़ियां लगाई गई हैं। अब धीरे&धीरे बिन रखरखाव ये बर्बाद होने लगी हैं।

 

बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों सहित वैली की सैर करने  आने वाले हजारों देशी&विदेशी सैलानियों को कुछ देर के लिए विष्णुपुरी के इस आध्यात्म सेंटर पहुंचकर मेडिटेशन की इच्छा होती है। इस आध्यात्मिक सेंटर पर ताला देख उन्हें निराशा हाथ लग रही है। बता दें कि इस योगा सेंटर के लिए फिलीपींस की बेशकीमती लकड़ियां आयात कर भव्य डिजाइन और आलौकिक अनुभूति का अनुभव देने के लिए संगम के मध्य इस सेंटर का निर्माण हुआ है। विभागीय लापरवाही का शिकार लाखों रुपए की लागत से बना ये सेंटर बिना उद्द्घाटन के ही बदहाली के कगार पर चला गया है।

 

देव पुजाई समिति जोशीमठ के अनिल नंबूरी का कहना है कि पर्यटन विभाग को यह सोचना चाहिए कि पर्यटन की परिसंपतियां क्षेत्र में इस तरह बर्बाद हो रही हैं। बिना उदेश्य के और इस सेंटर को बनाकर आखिर क्यों सरकार ने पैसा बर्बाद किया। विदेश से मंगाई गई बेशकीमती लकड़ियां सड़ने लगी हैं। केंद्र सरकार के पैसों को ठिकाने लगाने का काम यहां बेहतर ढंग से हुआ है। जल्द इस योगा सेंटर को खोला नहीं गया तो ये वीरान सेंटर पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।


चांगसील ने जगाई उम्मीदें

 

  • विरेंद्र चौहान

 

पुरोला ¼उत्तरकाशी½। रंवाई क्षेत्र के आधा दर्जन बुग्याल एवं ताल पर्यटन विभाग की दृष्टि से काफी अच्छे हैं। इन बुग्यालों और तालों का दीदार करने हर वर्ष सैकड़ों देश&विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटन विभाग भी हर वर्ष चांगसील बुग्याल में युवाओं के लिए स्कीइंग प्रशिक्षण का आयोजन करता है। मोरी क्षेत्र में भी हरकीदून] केदार कांठा] सरताल एवं देवबंद जैसे पर्यटक स्थल मौजूद हैं। सरबडियाड क्षेत्र में मानीर] पुष्टारा जैसे पर्यटन स्थल हैं। इसके बावजूद पर्यटन विभाग इन पर्यटन स्थलों के विकास के लिए कोई खास प्रयास नहीं कर पाया। अगर इनका विकास हुआ तो युवाओं को रोजगार के साथ ही विभाग को भी अच्छी आय हो सकती है।

 

हरकीदून टे्रकिंग पर आने वाले सैकड़ों पर्यटक सांकरी वाईपास से हनुमान चट्टी एवं यमुनोत्री जाते वक्त मानीर एवं पुष्टारा बुगयाल का दीदार करना नहीं भूलते। हिमाचल की सीमा से लगे चांगसील बुग्याल में बर्फवारी के समय दिसंबर से अप्रैल तक स्कीइंग करने विदेशी पर्यटकों के साथ ही पंजाब] दिल्ली] बंगाल] हरियाणा] महाराष्ट्र आदि प्रदेशों से भी भारी संख्या में लोग आते हैं। विभिन्न स्कूलों की दर्जनों टीमें भी पहुंचती हैं। इस वर्ष पर्यटन विभाग द्वारा आराकोट] मेजणी] भुटाणु आदि क्षेत्रों के तीन दर्जन युवक&युवतियों को स्कीइंग में पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया। उन्हें पर्यटकों के लिए गाईड के तौर पर तैयार किया गया। पर्यटन विभाग के प्रशिक्षक मेजर सतल सिंह पंवार कहते हैं कि चांगसील स्कीइंग के लिए सबसे सुंदर बुग्याल है। युवाओं में इसको लेकर भारी उत्साह भी है। चांगसील को पर्यटन के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। स्थानीय युवाओं के पलायन को रोकने के लिए बुग्याल एवं तालों को पर्यटन के रूप में विकसित करना ही एक मात्र विकल्प है।

 

बुग्याल तक पहुंचने का मार्ग

 

देहरादून से मसूरी होते हुए पुरोला&मोरी&नैटवाड&धोला तक १६२ किमी की दूरी वाहन से तय की जा सकती है। धोला से आगे का सफर सेवा&बरी&तांगधार से १६ किमी पैदल चलकर चांगसील पहुंचा जा सकता है। दूसरे रूट पर मोरी से त्यूणी होते हुए राहडू तक १८५ किमी की दूरी वाहन से तय की जान जा सकती है। राहडू में रात्रि विश्राम के बाद निजी वाहन से अगले दिन ६५ किमी दूर चांगसील पहुंचा जा सकता है। 

 
         
 
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  • जीवन सिंह टनवाल

 

भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली गई पांच एक दिवसीय मैंचों की सीरीज भारत ने तीन&एक से जीतकर सीरीज अपने नाम कर ली। सीरीज का आखिरी मैच निर्णायक रहा।

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