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प्रदेश से
 
खाकी पर फिर दाग

  • आकाश नागर@हरबंश बिष्ट

हिरासत में किशोर की मौत को लेकर पुलिस कटद्घरे में है। सवाल है कि हिरासत में उसने आत्महत्या को कैसे अंजाम दिया\ लॉकअप में उसके पास रस्सी कहां से पहुंची\ मृतक को तीन दिन तक किसके आदेश से हिरासत में रखा गया\

 

ऊधमसिंह नगर जनपद के काशीपुर में मित्र पुलिस का कुरूप चेहरा सामने आया है। यहां काशीपुर की कटोराताल पुलिस चौकी में खाकी पर खून की छींटे लगी हैं। आरोप है कि यहां एक नाबालिग को अवैध ढंग से हिरासत में रखा गया। उसको टॉर्चर किया जाता रहा। तीसरे दिन युवक की कस्टडी में मौत हो गई। इसके बाद बेरहम पुलिस मृतक युवक को अस्पताल में लावारिस छोड़ कर भागी। हालांकि इस मामले में एक दारोगा सहित] पांच अज्ञात पुलिसकर्मियों एवं दो अन्य लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। ऊधमसिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने काशीपुर के कोतवाल] चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। मुकदमे की विवेचना नैनीताल जिले की पुलिस से कराने के आदेश भी कुमाऊं के डीआईजी अजय रौतेला ने कर दिए हैं। लेकिन किशोर की मौत से उठे सवाल जस के तस हैं।

मृतक के परिजन पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं कि उसे लॉकअप में बुरी तरह पीट-पीटकर मारा गया है। जबकि पुलिस इससे साफ इंकार कर रही है। पुलिस का कहना है कि मृतक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। हत्या और आत्महत्या के बीच उलझी इस गुत्थी से पर्दा उठाने के लिहाज से मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमें किशोर की मौत का कारण हैंगिंग (फांसी लगने से मौत) आया है। लेकिन सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर पुलिस की मौजूदगी में कोई किशोर लॉकअप में कैसे फांसी लगा सकता है\ जिस रस्सी से किशोर का गला द्घुटकर मौत बताई जा रही है वह रस्सी लॉकअप में पहुंची कैसे\ यही नहीं बल्कि मृतक किशोर को तीन दिन तक हिरासत में किसके आदेश पर रखा गया\

गौरतलब है कि २६ फरवरी की रात को काशीपुर कोतवाली के अंतर्गत कटोराताल पुलिस चौकी परिसर में ग्राम बैलजुड़ी निवासी १६ वर्षीय मोहम्मद जियाउद्दीन पुत्र मोहम्मद यामीन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। 

पुलिसकर्मियों ने दावा किया था कि जियाउद्दीन ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। जियाउद्दीन तीन दिन से पुलिस की हिरासत में था। बताते हैं कि ग्राम कासीबाग निवासी एक व्क्ति की पुत्री द्घर से भाग गई थी। पिता ने जियाउद्दीन पर पुत्री को भगाने का आरोप लगाया था। मृतक जियाउद्दीन के पिता मोहम्मद यामीन ने पुलिस में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि कटोराताल चौकी इंचार्ज प्रवीण सिंह रावत] पुलिसकर्मी बलवंत सिंह ने २६ फरवरी को सुबह ११ बजे मोबाइल पर फोन करके जियाउद्दीन को पुलिस चौकी पर बुलाया था। जहां प्रवीण सिंह बलवंत सिंह सहित पांच अन्य पुलिसकर्मियों ने जियाउद्दीन को बुरी तरह पीटा। मृतक के पिता के अनुसार २७ फरवरी की रात को जिस समय पुलिसकर्मी जियाउद्दीन को पीट कर लड़की भगाने का जुर्म कबूल कराने की कोशिश कर रहे थे तो हासिल अली (लड़की का पिता) एवं उसका पुत्र भी वहां मौजूद थे। वह कह रहे थे कि ^मारो इसको तभी जुर्म कबूल करेगा।^ जियाउद्दीन के पिता का यह भी कहना था कि पुलिसकर्मी ने कहा कि काशीपुर के कोतवाल का आदेश है कि जब तक वह जुर्म न कबूल कर ले तब उसको न छोड़ा जाए। मृतक के पिता के मुताबिक २८ फरवरी की रात को वह कुछ लोगों के साथ कटोराताल पुलिस चौकी में जियाउद्दीन को खाना देने गए तो चौकी इंचार्ज सहित कई पुलिसकर्मी उसको बेरहमी से मार रहे थे। उस वक्त उनका पुत्र चीख रहा था और बार-बार बेसुध हो रहा था। इसी दौरान जब वह चौकी के बाहर खड़े थे तो चौकी इंचार्ज उनके पुत्र को मरणासन हालत में डालकर कहीं ले जाने लगे इसे पर उन्होंने उनका पीछा किया। बाद में काशीपुर अस्पताल में उन्हें लावारिश हालत में अपने पुत्र की लाश मिली। 

पुलिसकर्मी डेड बॉडी को अस्पताल में ही लावारिस छोड़ कर भाग गए। अपनी तहरीर में भी मृतक के पिता मोहम्मद यामीन ने पुलिस चौकी प्रभारी प्रवीण सिंह रावत और बलवंत सिंह समेत पांच लोगों को नामजद किया है। काशीपुर की कटोराताल पुलिस चौकी में हिरासत में जियाउद्दीन की मौत कोई पहली द्घटना नहीं है बल्कि इससे पहले भी मौतें हो चुकी हैं। इससे पहले किच्छा कोतवाली में जसविंदर सिंह जस्सा की मौत को लोग नहीं भुला सके हैं। इसके अलावा रुद्रपुर में रम्पुरा निवासी चूड़ामणि की मौत भी पुलिस की हिरासत में हुई थी।

 

रिपोर्ट में गला ?kqVus का कारण चौकी परिसर में रस्सी होना था। यह रस्सी कबाड़ियों के लिए कुछ दिन पूर्व ही लगाई गई थी। उसके बाद रस्सी को अंदर डाल दिया गया। हो सकता है उसी रस्सी से मृतक ने आत्महत्या की हो। नैनीताल जिला पुलिस और मजिस्टे्रट मामले की जांच कर रहे हैं। हमने आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही उन पर मामला भी दर्ज कर लिया गया है।

अजय रौतेला] डीआईजी कुमाऊं रेंज

पुलिस से चूक हुई है। पहले तो यह कि नाबालिग को अवैध हिरासत में क्यों रखा गया। दूसरा यह कि आरोपी ने जब सुसाईड कर लिया था तो उसे लावारिस हालत में अस्पताल में छोड़कर पुलिसकर्मी क्यों भागे\ सवाल कई हैं जिनका जवाब आने तक हमे जांच रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ेगा।

हरभजन सिंह चीमा] विधायक काशीपुर

 

सुलगते सवाल

१ + जियाउद्दीन को तीन दिन हिरासत में क्यों रखा गया\

२ + तीन दिनों तक हिरासत में रखने की सूचना पुलिस कप्तान को क्यों नहीं दी गई\

३ + जहां जियाउद्दीन को रखा गया वहां फांसी लगाने की रस्सी कहां से आई\

४ + जिस समय किशोर ने फांसी लगाई उस वक्त चौकी के पुलिसकर्मी कहां थे\

५ + पुलिस ने लापता लड़की के फोन को टे्रसिंग पर लगाने में देर क्यों की\

६ + पुलिस को जब फोन पर टे्रसिंग का पता चल गया था कि लड़की बाराबांकी में है तो उसे तलाश करने के बजाए आरोपी युवक से ही क्यों पूछताछ करती रही\

 akash@thesundaypost.in

 

 
         
 
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