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घायल आंचल
 
बलात्कारी माहौल के खिलाफ

दिल्ली में छात्रा से हुए गैंगरेप के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। दरिंदों की हैवानियत से उत्तराखण्ड के मैदानी शहरों से लेकर ठंडे पहाड़ी इलाके भी विरोध की आग से सुलग उठे हैं

दिल्ली अपराधों का शहर बन गया है। हत्या बलात्कार स्नैचिंग चोरी जैसे अपराध यहां आम हो गए हैं। केंद्र सरकार के अधीन दिल्ली पुलिस देश की पुलिसिया व्यवस्था में नंबर एक पर है। यदि नंबर एक पुलिस- प्रशासन में अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है तो देश के अन्य क्षेत्रों की स्थिति की कल्पना आसानी से की जा सकती है। १६ दिसंबर की रात दिल्ली के पॉश इलाके में एक छात्रा से चलती बस में गैंगरेप होता है। बस दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका, वसंत विहार, वसंत कुंज, महिपालपुर में द्घंटों सड़कों पर दौड़ती है। इस दौरान बस कई पुलिस बैरिकेड को पार करती है, लेकिन उक्त छात्रा की चीख किसी को सुनाई नहीं पड़ती। ऐसी पुलिस व्यवस्था कैसे नंबर एक हो सकती है, यह उत्तराखण्ड के लोगों के बीच आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है।

छात्रा ने देहरादून के एक संस्थान से फिजियोथैरेपी का कोर्स किया है। इसका रिजल्ट आना बाकी है। वह इंटर्नशिप के लिए दिल्ली आई थी। यहां एक अस्पताल में वह इंटर्नशिप कर रही है। रविवार १६ दिसंबर छुट्टी होने के कारण वह अपने मित्र के साथ साकेत फिल्म देखने गई थी। रात करीब नौ बजे वह अपने मित्र के साथ मुनिरका बस स्टैंड पर खड़ी थी। जहां से वे दोनों एक चार्टड बस में चढ़े। बस के कुछ दूर आगे जाने पर तीन-चार सवारी बस से उतर गए। छात्रा और उसके मित्र के अलावा शेष छह लोग बस में बचे थे। वे सभी दोस्त थे। छात्रा को अकेली समझकर आरोपी राम सिंह ने उसके साथ छेड़खानी शुरू की। जिसका विरोध मित्र ने किया। आरोपियों ने उसके सिर पर लोहे के रॉड से वार किया। जिससे वह बेहोश हो गया। उसके बाद राम सिंह सहित सभी पांचों आरोपियों ने छात्रा का गैंगरेप किया। छात्रा के विरोध करने और बलात्कारियों के हाथ में दांत काटने पर उसके साथ भी मारपीट की गई। बाद में दोनों को महिपालपुर फ्लाईओवर पर फेंक दिया गया। दोनों सड़क पर बहुत देर तक दर्द से तड़पते रहे। कुछ समय बाद निजी कंपनी के एक मैनेजर ने गाड़ी रोककर उन दोनों को देखा और पुलिस को फोन किया। फोन दिल्ली पुलिस के बजाय गुड़गांव पुलिस को लगा। गुड़गांव पुलिस ने दिल्ली सीमा का मामला होने पर कॉल दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर कर दी। इस बार भी कॉल गलत लग गई। दक्षिणी दिल्ली पुलिस के बजाए कॉल पश्चिमी दिल्ली में लगी। पुलिस की कॉल एक जगह से दूसरे जगह पर जाता रही और पीड़ित छात्रा और उसका साथी बीच सड़क पर तड़पते रहे। काफी समय बाद दक्षिणी दिल्ली पुलिस की पीसीआर वैन आई और दोनों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। अभी भी वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। वह सफदरजंग अस्पताल के आईसीयू में वेंटिलेटर पर है। डॉक्टर उसकी हालत नाजुक बता रहे हैं। देशभर में इस दरिंदगी की निंदा हो रही है। सड़क से लेकर संसद तक उबाल है। संसद में महिला सांसदों ने दोषियों को फांसी की सजा देने तक की मांग की। इस पर गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को संसद में बयान देना पड़ा कि इस मामले में सुनवाई रोजाना कराई जाएगी और जल्द दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। संसद के आलवा दिल्ली की सड़कों पर भी इस द्घटना की निंदा हो रही है। दिल्ली विश्वविद्यालय और जेएनयू के छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया। दिल्ली में इस द्घटना को लेकर जनता संसद से सड़क तक आंदोलित है। महिला आयोग, छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। उत्तराखण्ड में जहां यह छात्रा पढ़ती है, विरोध की आग सुलगने लगी है।

मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने इस द्घटना को शर्मनाक बताया है। उन्होंने पीड़िता के इलाज के लिए ५ लाख रुपए देने की द्घोषणा भी की है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा सुशीला बलूनी ने इस घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि पूरे देश में महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे है। बहरहाल राजधानी देहरादून में पुलिस को महिलाओं की सुरक्षा के विशेष निर्देश देकर अलर्ट कर दिया गया है। राज्य के मैदानी शहरों से लेकर पर्वतीय इलाकों तक छात्रा के साथ हुई दरिंदगी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। 

देहरादून में सामाजिक संगठनों स्वयंसेवी संगठनों और जागरुक लोगों ने कैंडिल मार्च निकाला। इसमें छात्र- छात्राओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। छात्रा से गैंगरेप की कड़ी निंदा करते हुए केंद्र सरकार से मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में किए जाने तथा दोषियों को सख्त सजा दिए जाने की मांग की गई। नैनीताल में कुमाऊं विश्वविद्यालय की महिला अध्ययन केंद्र में हुई बैठक में द्घटना की निंदा करते हुए दोषियों को फांसी देने की मांग की गई। लालकुआं में भी राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर यही मांग उठाई। नैनीताल और लालकुआं में केंद्र सरकार से महिलाओं की सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाए जाने की मांग को लेकर जुलूस भी निकाले गए।

गढ़वाल मंडल के श्रीनगर में छात्र-छात्राओं ने गैंगरेप के खिलाफ मार्च निकाला। भाजपा महिला मोर्चा ने इस द्घटना के विरोध में राज्य भर में विभिन्न स्थलों पर सरकार के पुतले जलाए। महिलाओं की सुरक्षा में लापरवाही के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए भाजपा महिला कार्यकर्ताओं ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ नारे भी लगाए।

गैंगरेप की शिकार २३ वर्षीय छात्रा के लिए देश भर में लोग दुआएं कर रहे हैं। वह जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसका अब तक पांच बार ऑपरेशन हो चुका है। अभी भी पीड़िता वेंटिलेटर पर है। डॉक्टरों के मुताबिक उसमें हालात से लड़ने का माद्दा अद्भुत है। वह इन तमाम मुश्किल हालात के बावजूद जीने का जज्बा रखती है। उसका शरीर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। द्घाव होने की आशंका के चलते उसकी आंत को निकालना पड़ा है।

 
         
 
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